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सिमरनजीत सिंह मान की टिप्पणी 1984 सिमरनजीत सिंह मान की टिप्पणी 1984 की घटनाओं की तरफ इशारा थी जब सिख विरोधी दंगे हुए थे. तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने जनरैल सिंह भिंडरावाले और उसके खालिस्तानी सहयोगियों का सफाया करने के लिए ऑपरेशन ब्लू स्टार का आदेश दिया था. इसके बाद भारतीय सेना अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में घुसी थी. बाद में इंदिरा गांधी की उनके सिख अंगरक्षकों द्वारा हत्या कर दी गई थी. इंदिरा गांधी की हत्या के बाद बड़े पैमा
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लोकसभा सांसद और शिरोमणि अकाली दल सिमरनजीत सिंह मान की टिप्पणी 1984 की घटनाओं की तरफ इशारा थी जब सिख विरोधी दंगे हुए थे. तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने जनरैल सिंह भिंडरावाले और उसके खालिस्तानी सहयोगियों का सफाया करने के लिए ऑपरेशन ब्लू स्टार का आदेश दिया था. इसके बाद भारतीय सेना अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में घुसी थी. बाद में इंदिरा गांधी की उनके सिख अंगरक्षकों द्वारा हत्या कर दी गई थी. इंदिरा गांधी की हत्या के बाद बड़े पैमा
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सोशल मीडिया पर जारी किए गए वीडियो सोशल मीडिया पर जारी किए गए वीडियो में उसने सिखों के जत्थेदार समुदाय से संबंधित मुद्दों पर चर्चा करने के लिए सरबत खालसा बुलाने को कहा. उसने बाकी समुदाय को उकसाते हुए कह, मैंने जत्थेदार से सरबत खालसा बुलाने का आग्रह किया है. सरबत खालसा बुलाओ और साबित करो कि तुम जत्थेदार हो.
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खुफिया एजेंसियों के मुताबिक अमृतसर में सरेंडर खुफिया एजेंसियों के मुताबिक अमृतसर में सरेंडर अगर सफल होने में दिक्कत होती है तो अमृतपाल भटिंडा में दमदामा साहिब या फिर आनंदपुर साहिब जिले में श्री केशगढ़ साहिब के सामने भी सरेंडर की फिराक में है. इसको लेकर इन तीनों ही जगहों पर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया है. पुलिस अमृतपाल को उसके सरेंडर करने से पहले ही धर दबोचना चाहती है.
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केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों और पंजाब पुलिस ने 18 मार्च को भगोड़े खालिस्तानी केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों और पंजाब पुलिस ने 18 मार्च को भगोड़े खालिस्तानी समर्थक अमृतपाल को गिरफ्तार करने के लिए ऑपरेशन अमृतपाल चलाया था, लेकिन दो हफ्ते बीत जाने के बाद भी अमृतपाल पुलिस की पकड़ से काफी दूर है. इसी बीच खुफिया एजेंसियों ने रिपोर्ट दी है, आने वाले दिनों में बैशाखी से पहले अमृतपाल अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में अकाल तख्त के सामने सरेंडर कर सकता है.