र्थ का फैसला ज्यादा. इससे गरीब जनता को तुरन्त राहत मिलना मुश्किल, फिर भी केवल प्रचार पर सरकारी धन का भारी खर्च करना क्या उचित? वैसे तो गहलोत सरकार अपने पूरे कार्यकाल कुंभकर्ण की नींद सोती रही और आपसी राजनीतिक उठापटक में ही उलझी रही, वरना जनहित व जनकल्याण से जुड़े अनेकों कार्य प्रदेश की जनता की गरीबी, बेरोजगारी, उनके पिछड़ेपन व तंगी के हालात के कारण सरकार द्वारा काफी पहले ही शुरू कर देना जरूरी था
इस साल के आखिर में होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर
ABP Live Focus | 05 Feb 2024 06:54 PM (IST)
मायावती ने बीते दिनों गहलोत सरकार पर निशाना साधते हुए कहा था कि राजस्थान की कांग्रेस सरकार द्वारा विधानसभा चुनाव से ठीक पहले न्यूनतम आय गारण्टी योजना
Testing_Test