Remedies: राहु और चंद्रमा के कारण होता है तनाव, अशुभ होने पर भम्र की स्थिति भी बनती है

Anxiety in Hindi: एंग्जायटी यानि तनाव और भ्रम की स्थिति बनी रहती है तो चंद्र और पाप ग्रह राहु का उपाय करना चाहिए. क्योंकि इन दोनों स्थिति के पीछे कहीं न कहीं इन ग्रहों की भी भूमिका होती है.

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Rahu And Moon: तनाव में जब व्यक्ति होता है तो उसे कुछ भी अच्छा नहीं लगता है. मानसिक तनाव के कारण कई बार प्रतिभाशाली होने के बाद भी अच्छे परिणाम प्राप्त नहीं कर पाता है.

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जॉब, शिक्षा, करियर, बिजनेस और दांपत्य जीवन से जुड़ी चीजों में बाधाएं आने लगती हैं जिस कारण कभी कभी व्यक्ति को गंभीर परेशानियों का भी सामना करना पड़ जाता है. जीवन में इन स्थितियों से कैसा बचा जा सकता है. इसके लिए राहु और चंद्रमा का उपाय करना बहुत ही जरूरी हो जाता है.

चंद्रमा का स्वभाव ज्योतिष में चंद्रमा को मन का कारक माना गया है. चंद्रमा का स्वभाव बहुत ही चंचल माना गया है. चंद्रमा एक शुभ और कोमल ग्रह है. लेकिन यदि अशुभ ग्रह की दृष्टि इस पर पड़ने लगे तो यह शुभ की बजाए खराब फल भी देने लगता है. अशुभ होने पर चंद्रमा एंग्जायटी, सिरदर्द, घबराहट आदि की दिक्कत देता है जिस कारण कभी कभी लाइफ को बैलेंस करने में दिक्कत आने लगती हैं. व्यक्ति जीवन में रिलैक्स चाहता है लेकिन उसे यह नही मिल पाता है.

एंग्जायटी और भ्रम की स्थिति में राहु वृद्धि करता है ज्योतिष में राहु को एक पाप ग्रह माना गया है. राहु जब अशुभ होता है तो व्यक्ति को भ्रम की स्थिति तो देता ही है, चंद्रमा पर यदि इसकी दृष्टि पड़ जाए तो ये एंग्जायटी, तनाव के साथ साथ अज्ञात भय को बढ़ाने का कार्य करता है. राहु व्यक्ति को कभी कभी डिप्रेशन की तरफ भी ले जाता है. यदि ये अधिक अशुभ हो तो व्यक्ति के मन में गलत विचार भी आने लगते हैं. बुरी आदतों की तरफ भी राहु ले जाने का कार्य करता है.

चंद्रमा और राहु का उपाय भगवान शिव की पूजा करने से चंद्रमा का दोष समाप्त होता है. नित्य भगवान शिव का जलाभिषक करने से चंद्रमा संबंधी दिक्कतें कम होती हैं. विशेष बात ये है कि शिव जी की उपासना करने से राहु ग्रह की भी शांति होती हैं. सोमवार के दिन भगवान शिव की पूजा करने और व्रत रखने से राहु की अशुभता को दूर करने में मदद मिलती है. तनाव, चिंता, डिप्रेशन, अज्ञात भय आदि की समस्या बनी हुई है तो दैनिक दिनचर्या को अनुशासित बनाने का प्रयास करना चाहिए. इसके साथ ही योगा आदि भी करना चाहिए. इसके साथ ही व्यक्ति को अध्यात्म की तरफ भी ध्यान देना चाहिए.

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