जम्मू-कश्मीर में 10 साल में क्या-क्या बदला है?

जम्मू-कश्मीर में आखिरी बार चुनाव 2014 में हुए थे. उसके बाद से राज्य में चुनाव ही नहीं हुए हैं. आर्टिकल 370 हटने के बाद से ही लोगों को चुनाव का इंतजार था. ऐसे में अब 10 साल बाद यहां चुनाव हो सकते हैं. इन 10 सालों में सबसे बड़ा बदलाव जम्मू-कश्मीर में ये हुआ है कि अब वह राज्य से एक केंद्रशासित प्रदेश बन चुका है. लद्दाख अब जम्मू-कश्मीर का हिस्सा भी नहीं है. केंद्र सरकार के शासन के तहत जम्मू-कश्मीर में चुनाव करवाए जाएंगे. आर्टिकल 370 हटने के बाद यहां पर पहली बार चुनाव होने वाले हैं. केंद्रशासित प्रदेश में विधानसभा सीटों की संख्या भी बढ़कर 90 हो गई है. यहां गौर करने वाली बात ये है कि पहले सरकार का कार्यकाल 6 साल का होता था, लेकिन अब ये सिर्फ 5 साल का ही होगा. इसके अलावा पहली बार मुफ्ती मोहम्मद सईद की गैर-मौजूदगी में चुनाव हो सकते हैं. उधर कांग्रेस छोड़कर गुलाम नबी आजाद ने अपनी अलग पार्टी बनाई है, जो चुनावी मैदान में नजर आएगी.