डिजिटल गोल्ड में अगर करने जा रहे हैं निवेश तो रुककर पहले जान लें ये ‘पेंच’

बड़ी आसानी से डिजिटल गोल्ड में निवेश किया जा सकता है. इसके जरिए ना सिर्फ आप इसकी शुद्धता के फर्जीवाड़े से बच जाते हैं बल्कि आपको ज्वैलर्स के पास जाने की आवश्यकता नहीं पड़ती है.

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हाल के समय में डिजिटल गोल्ड में निवेश पहल की तुलना में कई गुणा बढ़ गया है क्योंकि लोगों को इसमें बेहतर रिटर्न मिल रहा है. गोल्ड में निवेश करने के वैसे तो कई विकल्प हैं लेकिन सबसे ज्यादा जो लोकप्रिय हो रहा है वो है डिजिटल गोल्ड. यह ज्वैलर्स या डीलर की तरफ से कई प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को बेचे जाते हैं. इनमें वॉलेट जैसे- पेटीएम, अमेजन पे और निवेश के प्लेटफॉर्म्स जैसे- कुवेरा, ग्रो और स्टोक ब्रोकर्स शामिल हैं.

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वर्तमान में तीन कंपनियां डिजिटल गोल्ड ऑफर कर रही हैं, वो है- ऑगमोन्ट गोल्ड, एमएमटीसी-पंप इंडिया प्राइवेट इंडिया लिमिटेड (एमएमटीसी लिमिटेड और स्विस फर्म एमकेएस पंप का साझा उपक्रम), और डिजिटल गोल्ड इंडिया प्राइवेट लिमिटेड.

हालांकि, बड़ी आसानी से डिजिटल गोल्ड में निवेश किया जा सकता है. इसके जरिए ना सिर्फ आप इसकी शुद्धता को लेकर फर्जीवाड़े से बच जाते हैं बल्कि आपको ज्वैलर्स के पास पैसे लेकर जाने की आवश्यता नहीं पड़ती है. इसके अलावा, आप जब चाहे तो उस डिजिटल गोल्ड को वापस बेचकर पैसा भी ले सकते हैं.

लेकिन अगर आप इसमें निवेश करने जा रहे हैं तो इसके पेंच के बारे में जानना जरूरी है. दरअसल, जब आप डिजिटल गोल्ड खरीदते हैं तो आपको 3 फीसद जीएसटी (गुड्स एंड सर्विस टैक्स) देना पड़ता है. इतनी ही रकम आप अगर जाकर भी खरीदते हैं तब भी खर्च करना पड़ता है. यानी आपने अगर 1 हजार रुपये के डिजिटल गोल्ड की खरीददारी की है तो आपको 970 रुपये का ही सोना मिलेगा और बाकी जीएसटी के रूप में ले लिया जाएगा (यानी, यह खरीदने और बेचने की कीमत के बीच का  अंतर होता है).

लेकिन, यहां पर यह ध्यान रखने की बात है कि अगर आप सालभर बाद उस डिजिटल गोल्ड को वापस बेचने का मन बनाया है तो डिजिटल गोल्ड की उस वक्त जो भी कीमत रहेगा उसके ऊपर आपको 3 फीसदी का फिर से जीएसटी चुकाना पड़ेगा.

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