Frequently Asked Questions

  • ये क्वॉरंटीन का क्या मतलब है, जिसकी चर्चा हर जगह हो रही है?

    क्वॉरंटीन का मतलब है कि आपको और दूसरे लोगों से अलग-थलग कर दिया जाए. क्वॉरंटीन उन लोगों को किया जा रहा है, जिनमें या तो कोरोना के लक्षण दिख रहे हैं या इस बात की आशंका है कि वो लोग कोरोना से पीड़ित किसी मरीज के संपर्क में आए हैं. ऐसे लोगों को अस्पतालों में भी बिल्कुल अलग वॉर्ड में रखा जा रहा है, जहां जाने वाले डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ भी पूरे एहतियात के साथ जा रहे हैं. हाथ में ग्लव्स और मुंह पर मास्क लगाए बिना किसी को भी उस जगह पर जाने की इजाजत नहीं होती है. हालांकि क्वॉरंटीन में रहने का ये बिल्कुल भी मतलब नहीं है कि वो आदमी कोविड 19 से पीड़ित ही हो.

  • क्या दिव्यांगों को कोरोना वायरस से मरने का खतरा ज्यादा है?

    इस बात का कोई प्रमाण नहीं मिला है कि दिव्यांगों को कोरोना से ज्यादा खतरा है. हां, सांस के मरीजों और डायबिटीज के मरीजों को कोरोना से ज्यादा खतरा है.

  • क्या कोरोना वायरस से बच्चों को ज्यादा खतरा है?

    हां, 10 साल से कम उम्र के बच्चों और 55 साल से ज्यादा उम्र के बुजुर्गों को कोरोनो की वजह से ज्यादा खतरा है, क्योंकि उनमें रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती जाती है.

  • क्या दमे के मरीज के लिए कोरोना वायरस खतरनाक हो सकता है?

    कोरोना वायरस श्वसन तंत्र को प्रभावित करता है. दमा की बीमारी भी सांस से जुड़ी हुई है. ऐसे में सांस के किसी भी मरीज को कोरोना की वजह से दिक्कत ज्यादा हो सकती है.

  • क्या कोरोना का वायरस फ्लू से ज्यादा खतरनाक हो सकता है?

    हां, कोरोना का वायरस फ्लू से ज्यादा खतरनाक है. फ्लू से मौत की गुंजाइश कम होती है, लेकिन कोरोना वायरस जानवेला है. और इस बात को अब दुनिया देख चुकी है कि कोरोना की वजह से अब तक करीब 50,000 लोगों की मौत हो चुकी है.

  • क्या ज्यादा टेंपरेचर में कोरोना का वायरस मर जाता है?

    नहीं. इस बात का फिलहाल कोई साक्ष्य नहीं मिला है कि ज्यादा टेंपरेचर में कोरोना का वायरस मर जाता है. हां, डॉक्टर इस बात को लेकर आश्वस्त हैं कि ज्यादा टेंपरेचर में वायरस के फैलने का खतरा कम हो जाता है.

  • क्या कोरोना से पीड़ित के साथ सेक्स करने से कोरोना का इन्फेक्शन हो सकता है?

    डॉक्टर बार-बार इस बात की ताकीद कर रहे हैं कि अगर किसी में कोरोना के लक्षण दिख रहें हों, तो उसे क्वॉरंटीन करना चाहिए या फिर उसे सेल्फ आइसोलेशन में चले जाना चाहिए. ऐसे में कोरोना से संक्रमित कोई आदमी दूसरे आदमी के संपर्क में आता है, तो उसे भी कोरोना के संक्रमण का खतरा होता है. अगर नज़दीकी सेक्स की तो ये खतरा और भी ज्यादा हो सकता है.