जम्मू-कश्मीर के सभी जिलों में एहतियाती प्रतिबंधों के बीच ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के विरोध में प्रदर्शन कर रहे लोगों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे. सोमवार को लगातार दूसरे दिन बंद के चलते घाटी में जनजीवन लगभग ठप रहा. कई स्थानों पर निषेधाज्ञा का उल्लंघन करते हुए जुलूस निकाले गए, जिन्हें रोकने के लिए पुलिस और अर्धसैन्य बलों को बल प्रयोग करना पड़ा.

घाटी में बंद का व्यापक असर

2 मार्च को दूसरे दिन भी बंद के कारण बाजार, परिवहन और दफ्तरों पर असर दिखा. संवेदनशील इलाकों में पुलिस और अर्धसैन्य बलों की अतिरिक्त टुकड़ियां तैनात की गईं. सभी शिक्षण संस्थानों में दो दिवसीय अवकाश घोषित किया गया और इंटरनेट की गति सीमित कर दी गई. प्रशासन ने एहतियातन कई इलाकों में सख्ती बढ़ा दी. स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए लगातार गश्त और निगरानी की गई. अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की.

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