Chanakya Niti: आसपास ही होता है हर समस्या का समाधान, जानिए आज की चाणक्य नीति

तक्षशिला के आचार्य चाणक्य का कहना है कि विश्व में समस्या और समाधान का आपस में गहरा संबंध होता है जहां समस्या होती है वहां समाधान भी होता है.

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भारतीय दार्शनिक आचार्य चाणक्य कहते हैं कि अगर समस्या है तो उसका समाधान भी आसपास ही होना चाहिए.  वैसे ही जैसे ग्रीष्म ऋतु में भीषण गर्मी पड़ती है तो उस गर्मी के बचाव के लिए उसी गर्मी में पकने वाले कच्चे आम और अन्य वनस्पतियाँ भी मिलती हैं जिन्हें गर्मी में पेय के रूप में ग्रहण कर मनुष्य शीतलता का अनुभव कर सकता है.

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यह विश्व आज जैसा है वैसा कल भी था और आने वाले वर्षों में भी ऐसा ही रहेगा. यह दुनिया अच्छी और बुरी परिस्थियों का मिश्रण है व्यक्ति को अपने अथक प्रयासों से परिस्थियों को अपने अनुकूल कर सकता है. व्यक्ति का पुरूषार्थ परिस्थियों को अपने पक्ष में करने के लिए हमेशा सक्षम है. बस उसे पूरी निष्ठा और समर्पण से अपने लक्ष्य प्राप्ति के लिए सतत् प्रयत्नशील होना चाहिए.

आचार्य चाणक्य यह भी कहते हैं कि व्यक्ति जब कठिन स्थिति-परिस्थिति से घिर जाए तो उसे धैर्य नहीं खोना चाहिए बल्कि वैसी ही परिस्थियों को आसपास में खोजना चाहिए  या यह विचार करना चाहिए कि इन कठिन परिस्थिति में कोई दूसरा कैसे विजय प्राप्त करेगा. हमें यह भी देखना चाहिए कि हमारे आसपाल ठीक उसी तरह की परिस्थिति में जीवन यापन करने वाले व्यक्ति कैसे अपनी समस्या का निवारण करते हैं और कैसे उन परिस्थियों पर विजय प्राप्त करते हैं.

चाहे कितनी भी कठिन परिस्थिति क्यों न हो जीवन अपना रास्ता बना लेता है ठीक वैसे ही जैसे प्रवाह-मान नदी के रास्ते में कभी कोई शिला बाधा नहीं बनती. नदी हमेशा उस शिला का समाधान ढूंढ लेती है. वैसे ही आसपास के एक विशिष्ट कठिन परिस्थियों में बहुत से व्यक्ति अपनी नैसर्गिक प्रतिभा के बल पर उन कठिन परिस्थितियों में भी समाधान निकाल कर सफलता पूर्वक जीवन यापन कर रहे होते हैं. आपको सिर्फ उनका अध्ययन करना है और  अपने जैसी परिस्थिति में घिर सफल व्यक्तियों से परामर्श कर अपनी समस्या का भी समाधान निकालना चाहिए और परिस्थितियों पर विजय प्राप्त करना चाहिए.

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