जाली FB अकाउंट से गिरोह फैलाता था 'हुस्न का जाल', 175 अकाउंट हुए सील

सोशल मीडिया पर हुस्न का जाल बिछाकर रसूखदारों को फंसाने वाले और फिर उनसे पैसे वसूलने वाले गिरोह का भांडाफोड़ किया है.

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मुंबई: सोशल मीडिया पर हुस्न का जाल बिछाकर रसूखदारों को फंसाने वाले और फिर उनसे पैसे वसूलने वाले गिरोह का भांडाफोड़ किया है. मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने इस मामले में कई राज्यों की पुलिस की मदद ली है. यह रैकेट पूरे देश में फैला हुआ है. पुलिस ने गिरोह के 175 फेसबुक अकाउंट्स बंद कराए हैं जिनके जरिए वो लोगों को फंसाने का काम करते थे.

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पुलिस की जांच में यह सामने आया है कि ये नेताओं, ब्यूरोक्रेट्स और सेलीब्रेटीज को शिकार बनाते थे. खूबसूरत महिलाओं की तस्वीरों के आधार पर गिरोह अलग-अलग फेसबुक अकाउंट बनाता था. इसके बाद वह 'खास' लोगों को अपने जाल में फंसाता था. यह गिरोह अपने गुर्गों को ट्रेनिंग भी देता था कि आखिर कैसे जाल में फंसाने के बाद पैसे वसूलने हैं.

पुलिस का कहना है कि आरोपियों को हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान पुलिस की मदद से पकड़ा गया है. पुलिस के अनुसार इस गिरोह के खिलाफ एक-एक कर के कई शिकायतें आ रही थीं. पुलिस ने जब जांच शुरू की तो पाया कि यह एक ही गिरोह देश के अलग-अलग हिस्सों से काम कर रहा है. पुलिस के अनुसार इनके पास से 58 बैंक अकाउंट और 175 फेसबुक अकाउंट खोले गए हैं.

पुलिस का कहना है कि गिरोह महिलाओं की तस्वीर लगे हुए अकाउंट से शिकार शख्स को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजता था. इसके बाद प्राइवेट चैट के झांसे में फंसाता था. जब चैटिंग होने लगती थी तो वीडियो कॉल के लिए उत्तेजित किया जाता था. वीडियो कॉल होते ही उसकी ओर से पॉर्न क्लिप चलाई जाने लगती थी. इसी दौरान वीडियो क्लिप के साथ शिकार की तस्वीरें ले लीं जाती थीं.

इन्हीं तस्वीरों के आधार पर उन्हें ब्लैकमेल किया जाता था. कहा जाता था कि यदि पैसे नहीं मिले तो तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल कर दी जाएंगी. पुलिस का कहना है कि ऐसे गिरोहों से बचने के लिए सबसे पहला उपाय यह है कि किसी भी अनजान शख्स की फ्रैंड रिक्वेस्ट को स्वीकार न किया जाए. पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है.

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