गलवान हिंसा में चीनी सैनिकों की मौत के आंकड़े को लेकर बवाल, बीजिंग ने 3 ब्लॉगर्स को किया गिरफ्तार

चीनी ब्लॉगर ने शक करते हुए और ज्यादा मौत की संभावना जताई थी. उन्होंने इस पर भी सवाल उठाए कि आखिर क्यों चीन की सरकार को पीएलए की मौत को स्वीकार करने में आठ महीने लग गए जबकि भारत की तरफ से मौत के बारे में तुरत मान लिया गया था.

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पिछले साल 15 जून को गलवान घाटी में हुई हिंसा को लेकर आधिकारिक बयान के मामले में चीन ने पूछताछ के लिए तीन ब्लॉगर्स को गिरफ्तार किया है. खबरों के मुताबिक, खोजी पत्रकार 38 वर्षीय क्यू जिमिंग को शनिवार को नानजिंग से गिरफ्तार किया गया है. शुक्रवार को चीनी सेना की तरफ से पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के पांच जवानों के सम्मानित करने की घोषणा की गई थी, जिनमें से एक कमांडर समेत चार जवान गलवान हिंसा में मारे गए थे.

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क्यू से गलवान हिंसा को लेकर चीनी सरकार की तरफ से मौत के आंकड़े की घोषणा के बारे में पूछताछ की गई है. भारतीय सेना के अधिकारियों की तरफ से यह गया था कि गलवान में 45 चीन के सैनिक मारे गए थे. इसी दावे को पिछले हफ्ते कई इंटरव्यू के दौरान पूर्व नॉर्दर्न कमांडर चीफ लेफ्टिनेंट जनरल वाईके जोशी ने दोहराया था.

चीनी ब्लॉगर ने चीन के आधिकारिक मौत को लेकर दिए गए बयान पर शक करते हुए और ज्यादा मौत की संभावना जताई थी. उन्होंने इस पर भी सवाल उठाए कि आखिर क्यों चीन की सरकार को पीएलए की मौत को स्वीकार करने में आठ महीने लग गए जबकि भारत की तरफ से मौत के बारे में तुरत मान लिया गया था.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, रविवार को इसी वजह से एक अन्य पत्रकर को गिरफ्तार किया गया. हालांकि, इस बारे में कोई विस्तृत जानकारी नहीं आ पाई है. तीसरे व्यक्ति को सिचुआन में करीब एक हफ्ते लिए गिरफ्तारी हुई थी क्योंकि कथित तौर पर उसने पीएलए सैनिकों को अपमान करने वाला कंटेंट पोस्ट किया था.

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