Toolkit Case: दिशा रवि की जमानत पर फैसला आज, शांतनु और निकिता के साथ बिठाकर होगी पूछताछ

कल दिल्ली पुलिस ने शांतनु और निकिता से करीब 7 घंटे तक पूछताछ की पुलिस ने दोनों को आमने-सामने बिठाकर क्रॉस क्वेश्चनिंग भी की. दिल्ली पुलिस ने बताया कि दिशा रवि ने सारे आरोप शांतनु-निकिता पर डाल दिए हैं, इसलिए तीनों को आमने-सामने बिठाकर पूछताछ जरुरी है.

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नई दिल्ली: ग्रेटा थनबर्ग टूल किट केस में आज का दिन बेहद अहम है, क्योंकि आज दिल्ली पुलिस दिशा रवि, शांतनु और निकिता को आमने सामने बिठाकर पूछताछ कर सकती है. शांतनु और निकिता के साथ बिठाकर पूछताछ के लिए ही दिल्ली पुलिस ने दिशा रवि का एक दिन की रिमांड पर लिया था. आज दिशा रवि की जमानत याचिका और पुलिस रिमांड दोनों पर दोपहर बाद सुनवाई संभव है.

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शांतनु और निकिता से कल हुई 7 घंटे पूछताछ

इससे पहले सोमवार को दिल्ली पुलिस ने शांतनु और निकिता से करीब 7 घंटे तक पूछताछ की पुलिस ने दोनों को आमने-सामने बिठाकर क्रॉस क्वेश्चनिंग भी की. सूत्रों के मुताबिक, शांतनु और निकिता से सवाल उस टाइम लाइन से जुड़े थे, जो पुलिस को रवि दिशा से और अब तक कि जांच में पता चले थे. टाइम लाइन के मुताबिक रवि दिशाशान्तनु और निकिता साल 2019 और 20 से आपस मे सम्पर्क में थे और दिसंबर के पहले हफ्ते में ही पूरी प्लानिंग शुरू हो गयी थी.

दिल्ली पुलिस के मुताबिक पूरी टाइम लाइन इस तरह है-

  • निकिताशान्तनु और दिशा साल 2019 और 20 में आपस मे संपर्क में आए.
  • दिसंबर के पहले हफ्ते में पुनीत (PJF) ने निकिता और शांतनु से इंस्टाग्राम पर सम्पर्क किया.
  • 6 दिसंबर को दिशानिकिता और शांतनु ने एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया.
  • 11 दिसंबर को एक ईमेल आईडी क्रिएट की गई.  जिसके बाद 3 जनवरी से टूलकिट पर काम करना शुरू किया.
  • 9 जनवरी को PJF ने ग्लोबल ऑफ एक्शन 26 जनवरी के लिए अनाउंसमेंट की.
  • 11 और 12 जनवरी को मो धालीवालअनिता लालनिकिता शांतनु और अन्य लोगों के बीच ज़ूम मीटिंग हुई.
  • 12 जनवरी की ज़ूम मीटिंग का लिंक शेयर किया गया और ज़ूम मीटिंग हुई.
  • 17 और 18 जनवरी को फिर से ज़ूम मीटिंग हुई. ताकि प्रोपेगैंडा मैटीरियल बाटा जा सके.
  • 20 जनवरी टूलकिट ड्राफ्ट हुई, जिसमें निकिताशांतनु और दिशा तीनों शामिल थे.
  • 21 जनवरी से 27 जनवरी तक शांतनु ने दिल्ली के टिकरी बॉर्डर पर प्रोटेस्ट जॉइन किया.
  • 23 जनवरी को फाइनल टूल किट निकिता ने शेयर की. 
  • 26 जनवरी को दिल्ली में हिंसा हुई.

शांतनु है डॉक्यूमेंट का ओनर 

पुलिस सूत्रों के मुताबिक शान्तनु इस मामले में अहम किरदार है, क्योंकि टूलकिट एक गूगल डॉक्यूमेंट है, जो शांतनु के ईमेल एकाउंट के माध्यम से तैयार किया गया. इस गूगल डॉक्यूमेंट का ओनर शांतनु ही है और बाकी सब उसके एडिटर हैं.  दिल्ली पुलिस ने सोमवार अदालत में बताया कि दिशा रवि ने सारे आरोप शांतनु-निकिता पर डाल दिए हैं, इसलिए तीनों को आमने-सामने बिठाकर पूछताछ जरुरी है.

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