अयोध्या में श्री राम मंदिर के निर्माण में IFFCO ने भी दिया योगदान, 2.51 करोड़ रुपये का किया दान

किसानों को शिक्षित करने और उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने हेतु इफको पूरे भारत में कई शैक्षिक कार्यक्रमों और गतिविधियों का आयोजन करता रहा है .

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नई दिल्ली: सहकारी संस्था इफको ने आज अयोध्या में चल रहे निर्माण कार्य के लिए 2.51 करोड़ रुपये का दान दिया. इफको के अध्यक्ष बलविंदर सिंह नकई के साथ इफको के उपद्यक्ष दिलीप भाई संघणी, प्रबंध निदेशक उदय शंकर अवस्थी, सं० प्रबंध निदेशक राकेश कपूर, निदेशक (मानव संसाधन एवं विधि) आर पी सिंह और विपणन निदेशक योगेन्द्र कुमार ने मिलकर इफको निदेशक मंडल की ओर से श्री राम जनमभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को 2 करोड़ 51 लाख का चेक भेट किया.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 05 अगस्त, 2020 को अयोध्या में प्रभु श्री राम के जन्म स्थल पर मंदिर निर्माण कार्य के लिए भूमि पूजन किया था. इफको किसानों व लोक मानस की भलाई हेतु अलग-अलग कार्य करती रहती है. पिछले वर्ष इफको ने कोविड महामारी से लड़ने के लिए प्रधानमंत्री केयर फंड में 25 करोड़ का योगदान दिया था.

इसके साथ-साथ इफको ने कोविड महामारी के दौरान देश भर में 'इफको फाइट करोना - ब्रेक दी चैन' नाम का एक विशेष अभियान  भी चलाया था. साथ ही देश भर में ठंड के दौरान गरीबों में कंबल का वितरण करवाया गया था.

किसानों को शिक्षित करने और उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने हेतु इफको पूरे भारत में कई शैक्षिक कार्यक्रमों और गतिविधियों का आयोजन करता आ रहा है .

इन कार्यक्रमों में संतुलित प्रजनन, गांव को गोद लेना, कृषि विश्वविद्यालयों और अनुसंधान संस्थानों के लिए किसानों का दौरा, किसानों की बैठकें, फसल सेमिनार, स्टेटिक/ मोबाइल मृदा परीक्षण प्रयोगशाला आदि शामिल हैं.

इफको किसानों के सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के हेतु विभिन्न गतिविधियां चलता है जैसे: सूखे की आशंका वाले क्षेत्रों में चारा की आपूर्ति, पशु चिकित्सा जांच और दवाइयों का वितरण, स्वास्थ्य शिविर, स्वच्छ पेयजल सुविधा, वाटरशेड विकास और किसानों के बच्चों की स्कूली शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता. इफको ग्रामीण समुदायों की कला और संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन में भी महत्वपूर्ण योगदान देता आ रहा है.

इफको ने मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में युवाओं के रोज़गार के अवसर भी सुयोजित किए हैं. इन युवाओं को फ्रेंचाइजी बनाकर और कृषि केंद्र खुलवा कर 2000 प्रत्यक्ष नौकरियां और 5000 अप्रत्यक्ष नौकरियां सृजित की हैं.

इफको को वर्ल्ड कॉपरेटिव मॉनिटर द्वारा विश्व की 300 बड़ी सहकारी समितियों में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है. यह पूरे देश के लिए बहुत गर्व की बात है. इफको को यह स्थान भाग लेने वाली सहकारी समितियों द्वारा देश के सकल घरेलू उत्पाद में योगदान के आधार पर दिया गया है. इससे यह साबित होता है कि भारत में इफको का कितना बड़ा योगदान है. आज इफको पूरे देश में एक करोड़ से अधिक नीम के पेड़ लगा चुकी है और किसानों से सर्वाधिक मूल्य अर्थात 15 रुपये प्रति किलोग्राम की दर पर निंबोली भी खरीद कर रही है.

इफको ने जैविक कीटनाशक व बायो डीकंपोजर भी विकसित किए हैं जिससे किसानों को जैविक खेती में बहुत मदद मिलेगी. इफको और उसकी संस्थाओं ने भारतीय किसानों के लिए उर्वरक के उत्पादन के लिए कच्चे माल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जेपीएमसी में 36% की भागीदारी भी सुनिश्चित कर दी है. इफको ने ग्रामीण क्षेत्रों और किसानों से संबंधित सभी सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न क्षेत्रीय कार्यक्रमों में हमेशा बढ़-चढ़कर भागीदारी की है.

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