नई दिल्लीः आतंकवाद पूरी दुनिया के लिए खतरा है और इसे कीमत पर खत्म करना है. यही वजह है कि युद्धभ्यास जैसी एक्सरसाइज भारत और अमेरिका की सेनाओं के बीच बेहद जरूरी हैं. ये कहना है अमेरिकी सेना को, जो इनदिनों राजस्थान के थार रेगिस्तान में भारतीय सेना के साथ साझा युद्धभ्यास कर रही है. भारत और अमेरिका के साझा 'युद्धभ्यास' में एबीपी न्यूज की मुलाकात हुई मेजर समीर पुरी से. भारतीय मूल के मेजर पुरी, अमेरिकी सेना की सिगनल कोर के अधिकारी हैं और उन्हें साइबर एक्सपर्ट माना जाता है. 1999 तक दिल्ली में पले बढ़े मेजर सूरी अमेरिकी सेना की 1-2 एसबीसीटी ब्रिगेड के इंफोर्मेशन ऑफिसर हैं. मेजर पुरी मानते हैं की अमेरिका की चुनौतियों अलग हैं और भारत की अलग हैं. लेकिन इस एक्सरसाइज के जरिए एक दूसरे से दोनों देशों की सेनाओं ने बहुत कुछ सीखा है‌.

मेजर समीर पुरी शुद्ध हिंदी में बात करते हैं और नमस्कार से सभी का अभिवादन करते हैं. उनके मुताबिकं भारतीय‌ सेना सिर्फ अपनी धरती पर आतंकवाद से लड़ती है, और अमेरिका बाहर लड़ती है. लेकिन, क्योंकि दोनों देश बड़े लोकतांत्रिक देश है, दोनों देशों में लोकतंत्र को मजबूत करने की कोशिश रहती है. इससे पूरी दुनिया में शांति बनी रहेगी.

मेजर पुरी के मुताबिक, दोनों देशों की सेनाओं के स्टाफ-प्रोसेस अलग अलग हैं. लेकिन इस तरह की एक्सरसाइज से एक दूसरे के मिलिट्री प्रोसेस को सीख सकेंगे. मेजर पुरी के मुताबिक, आतंकवाद पूरी दुनिया के लिए खतरा है, और इसको खत्म करना चाहिए. इस तरह की एक्सरसाइज को हमें और बड़ा कर देना चाहिए‌ ताकि स्टाफ फंक्शन को और बढ़ा सकें

अमेरिकी सेना की मेडिकल ऑफिसर, कैप्टन ब्राउन के मुताबिक, युद्धभ्यास के दौरान इस बात पर खासा ध्यान दिया गया कि बैटलफील्ड यानि युद्ध के मैदान में सैनिकों की जान कैसे बचानी हैं.‌ मेजर ब्राउन जो पहली बार भारत आई हैं, कहती हैं कि भारतीय‌ सेना ने हमें खुले दिल से स्वागत किया.

युद्धभ्यास के दौरान सिर्फ फील्ड में ही ट्रेनिंग नहीं हुई है. बल्कि फील्ड में ट्रेनिंग से पहले दोनों देशों के सैन्य अफसर कमांड पोस्ट एक्सरसाइज करते हैं. इसके तहत ऑपरेशन कैसे करना है उसकी प्लानिंग होती है.

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