कोरोना के नए स्ट्रेन का खतरा, दिल्ली में क्लस्टर आधारित जीनोम सीक्वेंसिंग का निर्देश

कोरोना के नए स्वरूपों से निपटने के लिए दिल्ली सरकार दिल्ली में क्लस्टर आधारित जीनोम सीक्वेंसिंग जांच करेगी. आने वाले दिनों में कोरोना टेस्टिंग, कॉन्ट्रैक्ट ट्रेसिंग और क्वारंटीन करने जैसे कार्यों में तेजी लाई जाएगी.

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नई दिल्ली: देश के कई राज्यों में कोरोना वायरस के मामले एक बार फिर से बढ़ रहे हैं. वहीं कोरोना वायरस के नए स्वरूप के मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है. इस बीच दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने अधिकारियों को क्लस्टर आधारित जीनोम सीक्वेंसिंग जांच करने का निर्देश दिया.

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सूत्रों के मुताबिक दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक में विशेषज्ञों ने कोरोना वायरस के नए स्वरूप के बारे में चर्चा की. आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि उपराज्यपाल अनिल बैजल ने डीडीएमए की बैठक में कहा है कि नए कोरोना वायरस का भारतीय स्वरूप कथित रूप से ज्यादा संक्रामक है और विशेषज्ञ इसे चिंता के मुख्य कारण के तौर पर देख रहे हैं.

जीनोम सीक्वेंसिंग

सूत्रों ने बताया कि कोरोना वायरस नए स्वरूपों से निपटने के लिए दिल्ली सरकार दिल्ली में क्लस्टर आधारित जीनोम सीक्वेंसिंग जांच करेगी. आने वाले दिनों में कोरोना टेस्टिंग, कॉन्ट्रैक्ट ट्रेसिंग और क्वारंटीन करने जैसे कार्यों में तेजी लाई जाएगी.

हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश में कोरोना की मौजूदा स्थिति की समीक्षा के लिए बैठक की. ये बैठक ऐसे समय में हुई है जब कुछ राज्यों में कोरोना के मामले बढ़े हैं. इस बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन और गृह सचिव अजय भल्ला भी मौजूद थे.

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