रद्द हुआ PM मोदी का केरल और तमिलनाडु का कार्यक्रम, चुनावी आचार संहिता बनी वजह

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 27 फरवरी का केरल का कार्यक्रम और 28 फरवरी का तमिलनाडु का कार्यक्रम चुनाव आचार संहिता लागू होने के चलते रद्द हुआ है.

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नई दिल्ली: चुनाव आयोग ने आज केरल और तमिलनाडु समेत पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों की तारीखों का एलान कर दिया. मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा के चुनावी तारीखों की घोषणा करने के साथ ही चार राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश पुदुचेरी में आचार संहिता लागू हो गई, जिस वजह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का केरल और तमिलनाडु का आगामी कार्यक्रम रद्द हो गया है.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 27 फरवरी का केरल का कार्यक्रम और 28 फरवरी का तमिलनाडु का कार्यक्रम चुनाव आचार संहिता लागू होने के चलते रद्द हुआ है. आपको बता दें कि आज चुनाव आयोग ने तमिलनाडु और केरल के अलावा पश्चिम बंगाल, असम और केंद्र शासित प्रदेश पुदुचेरी में होने वाली विधानसभा चुनाव की तारीखों का भी एलान कर दिया है. 27 मार्च से शुरू होने वाले चुनाव 29 अप्रैल को संपन्न होंगे. केरल, पुदुचेरी और तमिलनाडु में 6 अप्रैल को एक ही चरण में विधानसभा का चुनाव होगा, जबकि बंगाल में आठ और असम में तीन चरणों में वोटिंग होनी है. तमिलनाडु में 234 सीटों पर चुनाव होने हैं, जबकि केरल में 140 सीटों पर वोटिंग होगी.

तमिलनाडु में विधानसभा का कार्यकाल 24 मई को पूरा हो रहा है. केरल में विधानसभा का कार्यकाल एक जून को पूरा हो रहा है. तमिलनाडु में पिछले 10 सालों से ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (अन्नद्रमुक) का शासन है. राज्य की जनता ने वर्ष 2016 के विधानसभा चुनाव में अन्नाद्रमुक प्रमुख जे जयललिता को दोबारा गद्दी सौंपी थी. इस चुनाव में अन्नाद्रमुक को 135 सीटों पर जीत हासिल हुई थी, जबकि द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (द्रमुक) 88 सीटों पर सिमट गई थी. कांग्रेस को आठ सीटें मिली थीं, जबकि बीजेपी का खाता भी नहीं खुल सका था. इस बार के विधानसभा चुनाव में अन्नाद्रमुक (AIADMK) और बीजेपी का गठबंधन हुआ है और उसका मुकाबला द्रमुक (DMK) और कांग्रेस गठबंधन से होगा.

केरल में फिलहाल वाम लोकतांत्रिक मोर्चा की सरकार है. उसका मुकाबला कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चे से है. पिछले विधानसभा चुनाव में माकपा को 58 सीटों पर, जबकि उसकी सहयोगी भाकपा को 19 सीटों पर जीत हासिल हुई थी. कांग्रेस को 22 सीटें और आईयूएमएल को 18 सीटों पर जीत हासिल हुई थी. बीजेपी को सिर्फ एक सीट से संतोष करना पड़ा था.

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