कॉन्गो में यूएन के काफिले में सफर के दौरान इटली के राजदूत की हत्या

यह घटना उस वक्त हुई जब लूका अतानासियो संयुक्त राष्ट्र के काफिले में कांगो की यात्रा कर रहे थे. एक संक्षिप्त बयान में मंत्रालय ने कहा कि लुका अतानासियो और अधिकारी की गोमा में हत्या की गई

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पूर्वी डीआरसी (डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ द कॉन्गो) में इटली के राजदूत लूका अतानासियो की हत्या कर दी गई. लूका अतानासियो यूएन के काफिले के साथ यात्रा कर रहे थे तभी उस पर हमला हुआ और उनकी हत्या कर दी गई. इटली के विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में इस बात की जानकारी दी है. काफिले पर सुबह 10:15 बजे हमला हुआ, रॉयटर्स ने विरुंगा नेशनल पार्क के बयान के हवाले से ये जानकारी दी.

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ये हमला अपहरण करने की कोशिश के दौरान किया गया. विरुंगा नेशनल पार्क के बयान के हवाले से रॉयटर्स ने इस बात की जानकारी दी. इटली के राजदूत के साथ इतालवी पुलिस अधिकारी की भी इस हमले में मौत हो गई.

गौरतलब है कि कॉन्गो को साल 1960 में आजादी मिली थी और तब से पहली बार जनवरी 2019 में लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से सत्ता परिवर्तन हुआ था और फेलिक्स त्शिसेकेडी राष्ट्रपति बने थे. उन्होंने विवादित चुनाव में शक्तिशाली जोसफ कबीला से सत्ता प्राप्त की थी. इस चुनाव में बड़े पैमाने पर धांधली करने एवं कबीला द्वारा त्शिसेकेडी को सत्तासीन कराने के लिए गुप्त समझौता करने के आरोप लगे जबकि कथित तौर पर लीक हुए चुनावी आंकड़ों के मुताबिक विपक्षी उम्मीदवार को वास्तव में जीत मिली थी.

आकार में पश्चिमी यूरोप के बराबर और संसाधन संपन्न कॉन्गो में दशकों तक भ्रष्ट तानाशाही रही है. इसके साथ ही कई गृहयुद्ध भी हुए और बाद में कई पड़ोसी देशों से भी विवाद हुआ. संयुक्त राष्ट्र मिशन के तहत शांति स्थापित करने और सुरक्षा कार्य कॉन्गो प्रशासन को सौंपने के लिए वहां 15 हजार सैनिक तैनात हैं.

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