आप अगर इतने घंटें से कम सोते हैं तो यह आपके शरीर और फेफड़ें के लिए खतरनाक साबित हो सकता है. मैगजीन 'नेचर कम्युनिकेशंस' में पब्लिश एक रिपोर्ट के मुताबिक कम सोने से आरईवी-ईआरबीए नामक के जिवाणु फेफड़ों पर असर दिखाती है. जिससे निशान बनने लगते हैं. पल्मोनरी फाइब्रोसिस या फेफड़े का निशान, एक गंभीर चिंता वाली बात है. जिसकी वजह से लंग्स मोटे और कठोर हो जाते हैं, और सांस लेने में कठिनाई होती है. जबकि दवाएं पल्मोनरी फाइब्रोसिस के लक्षणों को कम कर सकती हैं. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि फेफड़ों में एक बार खतरनाक इंफेक्शन हो जाए तो उसे दोबारा ठीक होने में टाइम लगता है.