अयोध्या: रामनगरी अयोध्या पहुंचने के बाद नरेश टिकैत ने हनुमानगढ़ी का दर्शन-पूजन किया. इस दौरान टिकैत ने कहा कि हमें आंदोलन से उठने का कोई रास्ता नहीं मिल रहा है. हम किस तरह से उठें और किसानों को क्या जवाब दें. किसान हमारे साथ हैं, इसलिए ये आंदोलन लंबा चलेगा. सरकार किसानों को लेकर बनाए कानून में कुछ संशोधन करे और ऐसी बातचीत हो कि दूध का दूध पानी का पानी हो जाए. किसानों पर मुकदमे दर्ज हुए हैं, वो वापस हो जाएं तभी बात बनेगी.

लाल किले पर हुए उपद्रव को बतया गलत किसान आंदोलन की आड़ में टूल किट और उपद्रव के जरिए अपना एजेंडा चलाने से नरेश टिकैत ने साफ तौर पर इनकार किया. लाल किले पर हुए उपद्रव को उन्होंने गलत ठहराया. उन्होंने कहा कि टूल किट के बारे में तो उन्हें पता ही नहीं है. वो तो सीधे-साधे किसान हैं, इस सब से उन्हें कोई मतलब नहीं है. उन्होंने कहा कि अगर इसकी जांच होती है तो बहुत सारे लोग फंसेंगे इसलिए इसको दबा देना चाहिए, क्योंकि इसकी सही जांच होगी तो बहुत सारे लोगों की पोल पट्टी खुलेगी.

बीजेपी की कथनी और करनी में अंतर अपने आपको रघुवंशी परिवार का और श्री राम का वंशज बताने के बाद नरेश टिकैत ने कहा कि उनके पूर्वज का मंदिर बन रहा है इसीलिए वो अयोध्या दर्शन करने आए हैं. इसी के साथ उन्होंने ये भी साफ किया की वो पश्चिम बंगाल भी जाएंगे और लोगों को बताएंगे कि बीजेपी की कथनी और करनी में अंतर है. चाहे जिसको वोट दीजिए, लेकिन इनको वोट न दीजिए.

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