गाजियाबाद नगर निगम ने तेज की हाउस टैक्स वसूली, कॉलोनियों पर चस्पा किया गया नोटिस

गाजियाबाद नगर निगम ने आम लोगों से टैक्स वसूली तो शुरू कर दी है. वहीं, कई अन्य सरकारी विभाग हैं, जिन पर करोड़ों रुपये की रकम बकाया है.

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गाजियाबाद: गाज़ियाबाद में इन दिनों हाउस टैक्स को लेकर मुहिम शुरू की गई है. जिन कॉलोनियों पर हाउस टैक्स बकाया है, उन पर कार्रवाई की जा रही है. घरों पर नोटिस चस्पा भी कर दिए गये हैं. इसको लेकर हमने यह जानने की कोशिश कि, क्या आम लोगों की, कॉलोनियों पर ही बकाया है, जिन पर सख्ती बरती जा रही है. यहां इस क्रम में सरकारी विभाग भी हैं, जिन पर हाउस टैक्स का बकाया है. लेकिन क्या उन्होंने हाउस टैक्स की राशि दी है, सरकारी विभागों पर कोई नोटिस चस्पा किया है, या नहीं!

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सरकारी विभागों पर बाकी है करोड़ों की देनदारी

गाज़ियाबाद नगर निगम तमाम कॉलोनियों पर तो सख्ती बरत रहा है, लेकिन जो सरकारी विभाग है, इनमे पुलिस विभाग, प्रशासन सबके ऊपर ही बकाया है. इस कड़ी में अगर बात करें कि, कई ऐसे सरकारी विभाग जिनमें वाणिज्य विभाग, डीएम ऑफिस, एसएसपी ऑफिस, इनके बंगले, लघु उद्योग जिला संयुक्त बिजली विभाग और भी कई अन्य विभाग हैं, सूची बहुत लंबी है, इन सब पर कुल मिलाकर करोड़ों की देनदारी है.

ज्यादा से ज्यादा टैक्स वसूली की कोशिश

एबीपी गंगा के संवाददाता ने हाउस टैक्स की राशि को लेकर गाज़ियाबाद के नगर आयुक्त से बात की. उन्होंने बताया इन दिनों जिन कॉलोनियों पर हाउस टैक्स की राशि बकाया है, हमने नोटिस चस्पा किया है. हमारा लगातार प्रयास है, कि ज्यादा से ज्यादा हाउस टैक्स की वसूली की जाए. वहीं, नगर आयुक्त से हमने सरकारी विभागों को लेकर भी बात की, कि, उन पर हाउस टैक्स कितना बकाया है. कई सरकारी विभाग है, जिन पर राशि देय है. इस मामले में कई विभाग हैं, जिनको नोटिस दिया गया है और शासन स्तर पर बातचीत चल रही है.

सरकारी विभाग करते हैं टालमटोली

गाज़ियाबाद नगर निगम ने लघु उद्योग विभाग, जन सुविधा जनसूचना संपर्क जिला अधिकारी आवास, जिला अधिकारी कार्यालय जिला संयुक्त अस्पताल जिला विकास योजना कार्यालय, अगर और भी कई विभाग है. अगर बात की जाए जिस तरीके से नगर निगम की टीम की सख्ती दिखाती है, आम लोगों को लेकर तुरंत जमा करने की बात कहते हैं, जिनकी राशि भी इतनी नहीं आती है, लेकिन हमारे सरकारी विभागों का इतना लचक कार्य रहता है, कि एक दूसरे पर टालमटोली करते रहते हैं. सुचारू रूप से व्यवस्था बनाकर यह राशि वसूली जाए और सरकारी विभाग भी इन्हें समय से जमा करें. इन विभागों पर करोड़ों रुपए की राशि है, जो कई वर्षों से नहीं दी जा रही है.

एबीपी गंगा की टीम बिजली विभाग के कार्यालय पहुंची. इन दिनों बिजली विभाग बिजली के बिल किस तरीके से वसूल रहा है, यह जानने की कोशिश की. चूंकि मार्च का महीना है, कैसे वसूली की जाएगी, इसे लेकर बिजली विभाग के मुख्य अभियंता गाज़ियाबाद से बात की. उन्होंने बताया यह विगत वर्ष है, फरवरी मार्च का महीना चल रहा है, ऐसे में राजस्व वसूली करनी है. एक अप्रैल 2017 के जो उपभोक्ता हैं, उन्हें आज तक कोई पेमेंट नहीं दी है. उन पर भी वसूली को लेकर कारवाई तेज़ है. वहीं, जो पिछले वर्ष में भी हैं, उन से वसूला जा रहा है. तकरीबन 38 करोड बकाया राशि है.

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