कासगंज: पुलिस ने लिया सिपाही की मौत का बदला, गैंगस्टर मोती सिंह मुठभेड़ में ढेर

सिपाही की हत्या और दारोगा को गंभीर रूप से घायल करने का मुख्य आरोपी मोती सिंह पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में मारा गया. इलाकों में मोती की दहशत थी औग लोग इसे कटरी किंग कहते थे.

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कासगंज: हिस्ट्रीशीटर और इनामी बदमाश मोती सिंह को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया है. मोती सिंह पर कासगंज थाने में 13 मामले दर्ज हैं. 9 फरवरी को कासगंज में शराब माफिया की तलाश में गई पुलिस टीम पर मोती सिंह ने हमला किया था जिसमें सिपाही देवेंद्र सिंह की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी जबकि दारोगा अशोक को गंभीर रूप से घायल कर दिया था. मुठभेड़ के बाद मोती सिंह को अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

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इलाके में थी दहशत कासगंज पुलिस ने सिपाही की हत्या और दारोगा को गंभीर रूप से घायल करने के मुख्य आरोपी एक लाख रुपये के इनामी, हिस्ट्रीशीटर मोती सिंह को बीती रात लगभग 3:30 बजे सिढ़पुरा थाना छेत्र के करतला रोड पर काली नदी के पास मुठभेड़ में मार गिराया. मोती के पास से पुलिस ने दारोगा अशोक से लूटी हुई पिस्टल भी बरामद कर ली है. आसपास के इलाकों में मोती की दहशत थी औग लोग इसे कटरी किंग कहते थे.

डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया मोती को गोली लगने के बाद पहले सिढ़पुरा पीएचसी ले जाया गया वहां से गंभीर घायल होने के कारण कासगंज जिला अस्पताल में रेफर किया गया. जहां बाद में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. मोती के सीने में गोली लगी है. अलीगढ़ मंडल के आईजी पीयूष मोर्डिया और कासगंज के एसपी मनोज कुमार सोनकर ने मुठभेड़ में मोती सिंह के मारे जाने की पुष्टि की है.

मुठभेड़ में ढेर हो चुका है सगा भाई बता दें कि, पुलिस ने मोती सिंह के सगे भाई एलकार को 10 फरवरी 2021 को ही मुठभेड़ में मार गिराया था. अब तक पुलिस इस मामले में मोती सिंह की मां सियारानी समेत अन्य सदस्यों नवाब, रामेश्वर, गुड्डू को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है.

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