जानें- कहां रहेंगे अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण करने वाले मजदूर, कौन संभाल रहा है व्यवस्था
राम मंदिर निर्माण को लेकर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की तरफ से कार्यदायी संस्था एलएंडटी कंपनी के लोगों को रोकने के लिए आवास की व्यवस्था की जा रही हैं. मजदूरों, कारीगरों और सुपरवाइजरों के लिए आवास का काम उपलब्ध तेजी से पूरा किया जा रहा है.
अयोध्या: रामनगरी अयोध्या में रामलला के मंदिर निर्माण के लिए तैयारियां चल रही हैं. मार्च के आखिरी सप्ताह में रामलला के गर्भगृह की नींव को भरने का काम शुरू कर दिया जाएगा. कार्य कर रही कार्यदायी संस्थाओं के लेबर और कारीगरों के रुकने की ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने कई जगहों पर व्यवस्थाएं की हैं. बीजेपी के पूर्व सांसद विनय कटियार ने भी अपने घर के पीछे के हिस्से को मजदूरों के लिए निवास बनाने के लिए ट्रस्ट को निशुल्क दिया है. लगभग 400 मजदूरों को रहने की व्यवस्था ट्रस्ट के पदाधिकारियों की तरफ से की गई है.
तेजी से चल रहा है काम कारसेवक पुरम, रामसेवक पुरम, राम जन्मभूमि रामकोट पर मजदूरों को रोकने के लिए पर्याप्त संसाधन ट्रस्ट के पदाधिकारियों की तरफ से जुटाए जा रहे हैं. श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की तरफ से कार्यदायी संस्था एलएंडटी कंपनी के लोगों को रोकने के लिए आवास की व्यवस्था की जा रही हैं. मजदूरों, कारीगरों और सुपरवाइजरों के लिए मूलभूत सुविधाओं से युक्त आवास उपलब्ध हो, अब इसके लिए तेजी के साथ काम चल रहा है. लगभग 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है.
Trending News
400 लोगों के रुकने की व्यवस्था पत्थरों को लाने और ले जाने, उनकी तराशी के कार्य के लिए भी मजदूर बड़ी संख्या में अयोध्या पहुंचेंगे. ट्रस्ट के लोगों के सामने चुनौती है कि मजदूरों के ठहरने की व्यवस्था कहां पर की जाए. इसलिए, बकायदा खाली प्लॉट और जगहों पर मजदूरों के लिए आवास को सुविधा युक्त और आवश्यकताओं की पूर्ति करने वाला बनाया जा रहा है. बीजेपी पूर्व सांसद और वरिष्ठ नेता विनय कटियार के घर के पीछे अस्थाई मकान मजदूरों के लिए बनाया गया है. यहां 400 लोगों के रुकने की व्यवस्था की गई है.
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट करा रहा है निर्माण विनय कटियार ने बताया कि रामलला के मंदिर निर्माण के लिए लगाए जाने वाले पत्थरों की तराशी का काम करने वाले मजदूर उनके घर के पीछे बने आवास पर रहेंगे. बड़ी संख्या में कारीगर भी यहां पर रहेंगे, जगह कम पड़ने पर और भी निर्माण कर लेंगे. आवास बनाने का काम श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट कर रहा है.
लोगों की जरूरत पड़ेगी श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य डॉ अनिल मिश्रा ने कहा कि मंदिर निर्माण में एलएंडटी के साथ काम करने वाले मजदूरों, पत्थरों के साथ काम करने वाले कारीगरों और इन सबको देखने वाले सुपरवाइजरों की आवश्यकता राम मंदिर निर्माण के दौरान पड़ेगी. मंदिर निर्माण की तैयारियों के बीच एक साथ सभी कार्य को समांतर रखा गया है. मंदिर निर्माण के लिए बंसी पहाड़पुर के पत्थरों का इस्तेमाल होगा तो वहीं रामलला के मंदिर निर्माण के लिए भरी जाने वाली नींव में मिर्जापुर के पत्थरों का इस्तेमाल किया जाना है.
ये भी पढ़ें: