स्मृति ईरानी ने की अमेठी में अपना आशियाना बनाने की शुरुआत, खरीदी जमीन

अमेठी लोकसभा से चुनाव जीतकर संसद पहुंची स्मृति ईरानी ने अपने वोटरों से किया गया एक वादा निभाया है. अमेठी में जमीन खरीदकर उन्होंने घर बनाने की शुरुआत कर दी है.

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अमेठीः कांग्रेस के गढ़ अमेठी में राहुल गांधी को हराने के बाद केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने अब वहां अपना अशियाना बनाने की शुरुआत कर दी है. अमेठी की जनता से किये वादे को पूरा करने के लिए स्मृति ईरानी ने सोमवार को ज़िले के गौरीगंज तहसील के उप निबंधक कार्यालय में 11 बिस्वा ज़मीन की रजिस्ट्री कराई. साल 2019 के चुनाव से पहले केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने गौरीगंज के जामो रोड पर एक मकान किराए पर ले रखा था. उन्होंने इसी मकान को अपने क्षेत्रीय घर और सांसद का कैंप कार्यालय भी बना दिया. सांसद बनने के बाद स्मृति अमेठी आने पर इसमें जाती भी रही हैं. इस किराए के मकान में स्मृति के स्थानीय प्रतिनिधि बैठते हैं और जन सुनवाई करते हैं.

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आपको बता दें कि स्मृति ईरानी ने जिस जमीन की रजिस्ट्री कराई है, वो शहर से करीब तीन किलोमीटर दूर सराय भागमानी गांव में है. उन्होंने 11 बिस्वा यानी लगभग 15,000 स्क्वायर फीट ज़मीन की रजिस्ट्री कराई है. स्‍मृति ईरानी ने कहा कि अब अमेठी का सांसद अमेठी वालों के साथ रहेगा, जल्‍द ही गांव वालों के साथ मिलकर भूमि पूजन करवाया जाएगा.

बीजेपी सांसद स्मृति ईरानी ने ज़मीन रजिस्ट्री कराने के बाद एबीपी न्यूज़ से कहा कि बीजेपी का कार्यकर्ता होने के नाते हमने जो वादा किया वो पूरा करके दिखाया. गांधी परिवार ने यहां से चुनाव जीतने के बाद अबतक अपना आशियाना क्यों नहीं बनाया, इसका जवाब वही दे सकते हैं.

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अमेठी की जनता ने मुझे स्वीकार किया है और यहां की जनता ने मुझसे अपने बीच आने की अपील की थी इसलिए मैं यहां उनके बीच आ रही. प्रियंका गांधी के यूपी में सक्रिय होने पर उन्होंने कहा कि ख़ुद को मजबूत करने की बजाय लोगों को मजबूत करने में विश्वास ही बीजेपी और कांग्रेस के बीच का फर्क है.

गौरतलब है कि राहुल गांधी से 2014 में हारने के बाद भी स्मृति अमेठी में सक्रिय रहीं और राहुल गांधी को 2019 में हराने के बाद भी सक्रिय हैं. वहीं राहुल 2019 का चुनाव हारने के बाद सिर्फ एक बार अमेठी दौरे पर आए. अब अमेठी में घर बनाकर स्मृति ये राजनीतिक संदेश देने की कोशिश करेंगी कि गांधी परिवार ने सिर्फ अमेठी को साधन मानकर यहां से चुनाव जीता लेकिन वो अमेठी की जनता के बीच रहकर उनके लिए काम करेंगी।

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