मंदिर परिसर और शहर निर्माण पर अयोध्या में हुई अहम बैठक, प्रेजेंटेशन के जरिये बताया गया प्लान

अयोध्या में मंदिर निर्माण को लेकर दो दिन बैठक हुई. इस दौरान अयोध्या को सांस्कृतिक नगरी के रूप में विकसित करने को लेकर चर्चा हुई. इसके अलावा ऑडियो-विजुअल प्रेजेंटेशन भी दिया गया.

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अयोध्या: राम नगरी अयोध्या में मंदिर निर्माण को लेकर बैठकों का दौर जारी है. राम मंदिर निर्माण समिति की दो दिवसीय बैठक शुक्रवार को समाप्त हो गई. दो दिन चली इस बैठक में राम जन्मभूमि परिसर के अंदर और बाहर के विकास कार्यों के बीच समन्वय स्थापित करने पर चर्चा हुई. प्रशासनिक टीम ने राम जन्मभूमि परिसर और उसके बाहर अयोध्या में होने वाले निर्माण कार्य और विकास परियोजनाओं को लेकर एक एनिमेटेड ऑडियो विजुअल प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया. जिसमें अयोध्या को किस तरह राम सांस्कृति राजधानी बनाकर वैदिक सिटी के रूप में विकसित करना है, इस पर ट्रस्ट और निर्माण समिति के लोगों को जानकारी दी गई. यही कारण है कि, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी कहते हैं, इस बैठक में उन्हें सबसे ज्यादा संतोष मिला है.

अयोध्या के निर्माण पर हुई चर्चा

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बैठक के दौरान पहले दिन राम जन्मभूमि परिसर के अंदर विकास कार्यों और आगे निर्माण को लेकर चर्चा हुई. मंदिर निर्माण के कार्यों की प्रगति पर मंथन हुआ और दूसरे दिन शुक्रवार को राम जन्मभूमि परिसर के बाहर अयोध्या के विकास के बीच समन्वय स्थापित करने पर चर्चा हुई. जिसमें सबसे प्रमुख बिंदु रहा मौजूदा समय में अयोध्या में आने वाले दर्शनार्थियों की संख्या और भविष्य में अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में होने वाली बढ़ोतरी. इसी अनुमानित आंकड़े को लेकर उनके रहने घूमने और उनको प्रदत की जाने वाली सुविधाओं के अनुसार विकास के मॉडल पर चर्चा हुई. इसमें इस बात का खास ध्यान रखा जा रहा है कि जो श्रद्धालु अयोध्या आए वाह कम से कम 1 से 2 दिन रहे. इस दौरान वह खाली ना रहे बल्कि अयोध्या और उसके आसपास के धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों का भ्रमण करें, यही चर्चा का मुख्य विषय रहा.

जल्द शुरू होगा नींव भराई का काम

इसी के साथ ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा ने यह भी साफ कर दिया कि, राम जन्मभूमि मंदिर की बुनियाद खुदाई के दौरान वह मिट्टी उन्हें मिल गई है जहां से नींव की भराई का कार्य शुरू किया जाएगा. नींव खुदाई का कार्य लगभग 60 फीसदी पूरा हो चुका है और 40 फीसदी मार्च माह तक पूरा हो जाएगा. इसी के बाद अप्रैल में संभवत राम मंदिर की नींव की भराई का कार्य शुरू हो जाएगा. राम मंदिर में कौन सा मैटेरियल इस्तेमाल किया जाएगा और बुनियाद स्ट्रक्चर किस तरह बनाया जाएगा, नींव की भराई के पहले इसकी भी टेस्टिंग होगी और इसके बाद राम मंदिर का बुनियाद स्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा.

निर्माण पर प्रेजेंटेशन

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने राम मंदिर निर्माण समिति की 2 दिन की बैठक को अब तक की सबसे महत्वपूर्ण बैठक बताया. इस दौरान उन्होंने यह भी खुलासा किया कि अयोध्या की आने वाली तस्वीर कैसी होगी. बैठक के दौरान प्रशासनिक टीम ने एक प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया जिसमें राम जन्मभूमि परिसर के भीतर और उसके बाहर अयोध्या में होने वाले निर्माण कार्यों और परियोजनाओं का विस्तृत व्याख्यान था. साउंड, चित्र , एनिमेशन और लेखन के माध्यम से प्रस्तुत इस प्रेजेंटेशन में एक एक निर्माण कार्य और परियोजनाओं के बारे में बताया गया था. अयोध्या में निर्माण कार्य के साथ Ayodhya the Renaissance of Ramrajya अथवा Ayodhya the Vaidik city Knowledge City , जैसे स्लोगन लिखे दिखाई देंगे. कॉटेज इंडस्ट्री के माध्यम से ग्रामीण लोगों को रोजगार मुहैया कराया जाएगा और निराश्रित महिलाओं के लिए कौशल्या भवन बनाया जाएगा. कुल मिलाकर कहें तो राम संस्कृति की राजधानी के रूप में अयोध्या विकसित होगी.

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