लाल किले पर हुए बवाल के जिम्मेदार कौन? | भारत की बात
कल लाल किले पर जिस तरह का विध्वंस हुआ, उसके पीछे के चेहरों को तलाशना, उसके पीछे के चेहरों के नकाब को उतारना देशहित में बहुत जरूरी हो गया है। क्योंकि कल तिरंगे की जगह धार्मिक झंडे लगाकर बात किसानों से ऊपर देश की अंखडता, संप्रभुता तक पहुंच चुकी है। हिंसा के आरोप में राकेश टिकैत, योगेंद्र यादव, सतनाम सिंह पन्नू, गुरनाम सिंह चढूनी समेत कुल 37 किसान नेताओं पर FIR भी दर्ज हो चुकी है । अब जांच होगी तो हर किसी का किरदार भी खुलकर सामने आएगा, मगर जो साफ-साफ दिख रहे हैं, उन्हें तत्काल बेनकाब करना बहुत जरूरी है। तो फिर विध्वंस के कहानी, विध्वंस के विलेन की कारस्तानी...सबकुछ आज जख्म खाए लाल किले की जुबानी ही जान लेते हैं
Continues below advertisement
कल लाल किले पर जिस तरह का विध्वंस हुआ, उसके पीछे के चेहरों को तलाशना, उसके पीछे के चेहरों के नकाब को उतारना देशहित में बहुत जरूरी हो गया है। क्योंकि कल तिरंगे की जगह धार्मिक झंडे लगाकर बात किसानों से ऊपर देश की अंखडता, संप्रभुता तक पहुंच चुकी है। हिंसा के आरोप में राकेश टिकैत, योगेंद्र यादव, सतनाम सिंह पन्नू, गुरनाम सिंह चढूनी समेत कुल 37 किसान नेताओं पर FIR भी दर्ज हो चुकी है । अब जांच होगी तो हर किसी का किरदार भी खुलकर सामने आएगा, मगर जो साफ-साफ दिख रहे हैं, उन्हें तत्काल बेनकाब करना बहुत जरूरी है। तो फिर विध्वंस के कहानी, विध्वंस के विलेन की कारस्तानी...सबकुछ आज जख्म खाए लाल किले की जुबानी ही जान लेते हैं
Continues below advertisement