Mirzapur Madrasa Scam: तालीम के धंधेबाजों की घंटी बजाओ | Full Episode
उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में आरटीआई के जरिए ये खुलासा हुआ है कि यहां चलने वाले मदरसों में कई ऐसे हैं जो सिर्फ कागजों पर मौजूद है. कई ऐसे भी है जो सिर्फ एक कमरे में चल रहे हैं. हैरानी की बात ये है कि कई सालों से इन मदरसों को सरकारी मदद भी मिल रही थी और यहां के शिक्षकों की तनख्वाह भी सरकार ही दे रही थी. चीन की सेना ने दावा किया है कि भारत और चीन के सैनिकों ने पैंगोंग त्सों झील के दक्षिण और उत्तरी किनारे से लौटना शुरू कर दिया है. यहां पर दोनों तरफ सेना के जवान पिछले कई महीनों से एक दूसरे के सामने डटे हुए थे. चीन के रक्षा मंत्रालय की तरफ से बताया गया कि 24 जनवरी को कॉर्प्स कमांडर स्तर की वार्ता के दौरान बनी सहमति के बाद सैनिकों की वापसी शुरू हुई है.
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उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में आरटीआई के जरिए ये खुलासा हुआ है कि यहां चलने वाले मदरसों में कई ऐसे हैं जो सिर्फ कागजों पर मौजूद है. कई ऐसे भी है जो सिर्फ एक कमरे में चल रहे हैं. हैरानी की बात ये है कि कई सालों से इन मदरसों को सरकारी मदद भी मिल रही थी और यहां के शिक्षकों की तनख्वाह भी सरकार ही दे रही थी.
चीन की सेना ने दावा किया है कि भारत और चीन के सैनिकों ने पैंगोंग त्सों झील के दक्षिण और उत्तरी किनारे से लौटना शुरू कर दिया है. यहां पर दोनों तरफ सेना के जवान पिछले कई महीनों से एक दूसरे के सामने डटे हुए थे. चीन के रक्षा मंत्रालय की तरफ से बताया गया कि 24 जनवरी को कॉर्प्स कमांडर स्तर की वार्ता के दौरान बनी सहमति के बाद सैनिकों की वापसी शुरू हुई है.
चीन की सेना ने दावा किया है कि भारत और चीन के सैनिकों ने पैंगोंग त्सों झील के दक्षिण और उत्तरी किनारे से लौटना शुरू कर दिया है. यहां पर दोनों तरफ सेना के जवान पिछले कई महीनों से एक दूसरे के सामने डटे हुए थे. चीन के रक्षा मंत्रालय की तरफ से बताया गया कि 24 जनवरी को कॉर्प्स कमांडर स्तर की वार्ता के दौरान बनी सहमति के बाद सैनिकों की वापसी शुरू हुई है.
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