भंडारा के अस्पताल में 10 नवजात बच्चों की मौत आग लगने से हुई थी. अब इसकी जांच में नया खुलासा हुआ है. पता चला है कि आग लगने के बाद जो धुआं उठा उससे करीब 21 मिनट तक उन मासूमों का दम घुटता रहा... वो रोते रहे, दर्द से कराहते रहे... लेकिन उन मासूमों की चीख सुनने वाला वहां इन दीवारों के अलावा कोई और नहीं था.