यूपी आतंकी संगठनों के निशाने पर है. इस बात की तस्दीक पीएफआई के कमांडर और उसके आतंकी सदस्य की गिरफ्तारी से हुआ है. हम बात कर रहे हैं, उन आतंकी गतिविधियों की, जो विरोध प्रदर्शनों की आड़ में बड़ी साजिश के रूप में देश के अंदर अंजाम दी जा रही हैं. फिर वो बात नागरिक संशोधन कानून के विरोध प्रदर्शन की हो या फिर हाथरस रेपकांड के बाद माहौल बिगाड़ने की कोशिशें. इन सभी के पीछे पीएफआई का बहुत बड़ा हाथ सामने आया है. दरअसल, पिछले कुछ वक्त में हुई हिंसा के पीछे पीएफआई की फंडिंग की बातें सामने आती रही है. जिसके बाद से पीएफआई बेहद सतर्क हो गया है और प्रतिबंध के डर से उसने अपने मंसूबों को अंजाम तक पहुंचने के लिए बेहद शातिर मास्टर प्लान बना रखा है. क्या है पीएफआई का मास्टर प्लान इस रिपोर्ट में देखिए.
3 राज्य के 7 जिलों को मोदी सरकार की बड़ी सौगात, 6400 करोड़ के रेलवे प्रोजेक्ट को दी मंजूरी
सर्वदलीय बैठक : विपक्ष ने मणिपुर स्थिति पर प्रधानमंत्री के बयान की मांग की, सरकार चर्चा को राजी
खबर टमाटर कीमत
युवकों के ‘निर्वस्त्र’ प्रदर्शन को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरा, मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग