बड़ी बहस: खालिस्तानी साजिश की 'गुड़िया' बनी Greta Thunberg की वकालत क्यों कर रही कांग्रेस? | हुंकार
पर्यावरण के नाम पर ख़ुद को दुनिया में पेश करने वाली ग्रेटा थनबर्ग का सच अब सामने आ रहा है. ग्रेटा ने जिस टूल किट को शेयर करने के बाद डिलीट कर दिया था, उसके ज़रिए दुनिया को पता लग रहा है कि वो और कुछ नहीं बल्कि खालिस्तानी समर्थकों के हाथों में खेल रही गुड़िया हैं. ग्रेटा ने जिस पोएटिक जस्टिस फाउंडेशन की टूल किट शेयर की है उसी फाउंडेशन का दावा है कि वो ग्रेटा और भारत के खिलाफ दुष्प्रचार करने वाली रिहाना की फंडिंग करता है. वही पोएटिक जस्टिस फाउंडेशन जिसका को-फाउंडर मो धालीवाल कहता है कि भारत अगर तीनों कृषि क़ानून वापस ले भी ले तो ये उनकी जीत नहीं बल्कि खालिस्तान की लड़ाई की शुरुआत होगी. लेकिन उसी ग्रेटा के समर्थन में कांग्रेस के नेता आगे आ रहे हैं...अधीर रंजन चौधरी न सिर्फ़ ग्रेटा के ट्वीट का समर्थन कर रहे हैं बल्कि अंतर्राष्ट्रीय दुष्प्रचार के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाने वाले भारतीय कलाकारों और क्रिकेटरों की भी आलोचना कर रहे हैं. यहां तक कि सचिन तेंदुलकर को भी नहीं छोड़ रहे.
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पर्यावरण के नाम पर ख़ुद को दुनिया में पेश करने वाली ग्रेटा थनबर्ग का सच अब सामने आ रहा है. ग्रेटा ने जिस टूल किट को शेयर करने के बाद डिलीट कर दिया था, उसके ज़रिए दुनिया को पता लग रहा है कि वो और कुछ नहीं बल्कि खालिस्तानी समर्थकों के हाथों में खेल रही गुड़िया हैं. ग्रेटा ने जिस पोएटिक जस्टिस फाउंडेशन की टूल किट शेयर की है उसी फाउंडेशन का दावा है कि वो ग्रेटा और भारत के खिलाफ दुष्प्रचार करने वाली रिहाना की फंडिंग करता है. वही पोएटिक जस्टिस फाउंडेशन जिसका को-फाउंडर मो धालीवाल कहता है कि भारत अगर तीनों कृषि क़ानून वापस ले भी ले तो ये उनकी जीत नहीं बल्कि खालिस्तान की लड़ाई की शुरुआत होगी. लेकिन उसी ग्रेटा के समर्थन में कांग्रेस के नेता आगे आ रहे हैं...अधीर रंजन चौधरी न सिर्फ़ ग्रेटा के ट्वीट का समर्थन कर रहे हैं बल्कि अंतर्राष्ट्रीय दुष्प्रचार के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाने वाले भारतीय कलाकारों और क्रिकेटरों की भी आलोचना कर रहे हैं. यहां तक कि सचिन तेंदुलकर को भी नहीं छोड़ रहे.
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