उत्तराखंड तबाही का एक नया वीडियो सामने आया है. पहाड़ों को चीरते हुए साढ़े तीन सौ किलोमीटर की रफ्तार से कीचड़ से भरा मटमैला पानी आया और सबकुछ तबाह करके आगे बढ़ गया.
उत्तराखंड में हुई तबाही के बाद अब हर तरफ एक ही सवाल उठ रहा है कि आखिर इस भयानक त्रासदी की वजह क्या थी? इस बीच इस तबाही को 1965 की एक घटना से जोड़ा जा रहा है, ये इसलिए भी बेहद चौंकाने वाला है क्योंकि इस तरह उत्तराखंड में 7 फरवरी के कुदरत के कहर में परमाणु कनेक्शन सामने आ जाता है.