हमारी इस रिपोर्ट से ये साफ हो जाएगा कि खालिस्तानी संगठनों ने किसान आंदोलन के सहारे अपने मंसूबों को अंजाम देने की पूरी प्लानिंग की थी. जिसमें ऐसे खालिस्तानी संगठन भी शामिल हैं, जो भारत में प्रतिबंधित है. इन संगठनों का कच्चा चिट्ठा सामने आने के बाद ये बुरी तरह तिलमिला उठे हैं.
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