उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले चुनाव को अब तक का सबसे आर-पार वाला चुनाव माना जा रहा है. जब एक-एक वोट के लिए महासंग्राम छिड़ेगा. इन दिनों आप प्रियंका गांधी से लेकर अखिलेश यादव तक के लगातार दौरे देख रहे होंगे. बीजेपी के भी दिग्गज नेता, अभी से चुनावी अभियान को धार देने में जुटे हैं. इन सबकी रणनीति जीत के लिए जरूरी वोटों के जुगाड़ की है. ऐसे में आपके लिए ये समझना जरूरी है कि आखिर उत्तर प्रदेश में चुनावी समीकरण के लिहाज से दलित वोटबैंक कितनी अहमियत रखता है।..देखिए ये रिपोर्ट.