मुद्दे की बात में आज बात सैलाब के बाद आसुंओं के हिसाब की. चमोली में आई आपदा को 1 महीना बीत चुका है लेकिन जब भी वो मंजर याद आता है. दिल बैठ जाता है क्योंकि वो दृश्य भुलाए नहीं भूलते और आज हम सैलाब के बाद बर्बादी के उन निशानों की बात करेंगे. जो तम उम्र उन लोगों के जहन में रहेंगे जिन्होंने इस आपदा को झेला है और करीब से देखा है.