क्या संस्कृति की आड़ में संविधान का अपमान किया गया? | Samvidhan Ki Shapath
एक विधायक देश के कानून में सुधार की मांग करे ये और बात है लेकिन उसकी आड़ में महिलाओं के लिए घूंघट की वकालत कर देना, महिलाओं के पुरुषों से मेल जोल पर सवाल उठा देना , ये जो समानता और जीवन जीने की आज़ादी की संविधानिक कसौटी है उस पर कैसे पऱखा जाएगा
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एक विधायक देश के कानून में सुधार की मांग करे ये और बात है लेकिन उसकी आड़ में महिलाओं के लिए घूंघट की वकालत कर देना, महिलाओं के पुरुषों से मेल जोल पर सवाल उठा देना , ये जो समानता और जीवन जीने की आज़ादी की संविधानिक कसौटी है उस पर कैसे पऱखा जाएगा
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