किसान आंदोलन:12वें दौर में भी नहीं बनी किसानों और मोदी के मंत्रियों के बीच बात,अब और तेज होगा आंदोलन?

किसान संगठन और सरकार के बीच शुक्रवार को ग्यारहवें दौर की बेनतीजा बातचीत के बाद विवाद और गहरा गया है. केन्द्र सरकार की तरफ से तीनों कानूनों को डेढ साल तक लागू ना करने के नए प्रस्ताव के बावजूद किसानों की तरफ से उसे ठुकरा कर तीनों कानूनों की वापसी और एमएसपी को कानून का हिस्सा बनाने की मांग की गई. शुक्रवार को किसान नेता तीनों विवादित कृषि कानूनों की वापसी की अपनी जिद पर अड़े रहे. इसके बाद केन्द्र सरकार ने भी कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है. सरकार की तरफ से यह कहा गया है कि अगले दौर की वार्ता अब तभी होगी अगर किसान नेताओं की तरफ से कृषि कानूनों को दो साल तक लागू करने से रोकने के प्रस्ताव को स्वीकार किया जाएगा. क्या है पूरा मामला बता रहे हैं कार्यकारी संपादक विजय विद्रोही.

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