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एयर इंडिया की 26 नवंबर को न्यू यॉर्क से दिल्ली आ रही एक फ्लाइट में नशे में धुत एक पुरुष यात्री ने एक महिला यात्री के ऊपर पेशाब कर दिया था.

एयर इंडिया की 26 नवंबर को न्यू यॉर्क से दिल्ली आ रही एक फ्लाइट में नशे में धुत एक पुरुष यात्री ने एक महिला यात्री के ऊपर पेशाब कर दिया था.

एयर इंडिया की 26 नवंबर को न्यू यॉर्क से दिल्ली आ रही एक फ्लाइट में नशे में धुत एक पुरुष यात्री ने एक महिला यात्री के ऊपर पेशाब कर दिया था.

एयर इंडिया की 26 नवंबर को न्यू यॉर्क से दिल्ली आ रही एक फ्लाइट में नशे में धुत एक पुरुष यात्री ने एक महिला यात्री के ऊपर पेशाब कर दिया था.

 

लखीमपुर खीरी कांड के आरोपी आशीष मिश्रा को सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम जमानत दी है. अदालत ने जमानत देते हुए आशीष को कई निर्देश दिए हैं, और शर्तें भी रखी हैं. कोर्ट ने 8 हफ्ते की अंतरिम जमानत देते हुए कहा है कि आशीष दिल्ली और यूपी में नहीं रह सकते हैं. 


उसको बेल से रिहा होने के एक हफ्ते के अंदर यूपी छोड़ना होगा. कोर्ट ने शर्त लगाते हुए कहा कि आशीष को पुलिस को अपना पता बताना होगा और वह हर दिन पुलिस थाने में रिपोर्ट करेगा. कोर्ट ने कहा कि वह गवाहों को किसी तरह से प्रभावित नहीं कर सकता है. वह अपने किसी भी गवाह से नहीं मिलेगा.

सुप्रीम कोर्ट ने जमानत देने के साथ ही लखीमपुर खीरी की घटना में मारे गए आरोपियों की पीट-पीटकर हत्या करने वाले 4 किसानों को भी अंतरिम जमानत दे दी. 

लखीमपुर कांड की टाइमलाइन...


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3 अक्टूबर 2021 – लखीमपुर खीरी में हिंसा, 8 लोगों की मौत
5 अक्टूबर 2021 - अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा और 15-20 अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज
6 अक्टूबर 2021 - लखीमपुर में हुई हिंसा का सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान लिया
9 अक्टूबर 2021 – आशीष क्राइम ब्रांच के सामने पेश, देर रात पुलिस ने किया गिरफ्तार
10 फरवरी 2022 - इलाहाबाद हाईकोर्ट आशीष मिश्रा को जमानत मिली
15 फरवरी 2022 - आशीष मिश्रा जेल से रिहा हुआ
17 फरवरी 2022 - आशीष मिश्रा की जमानत को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती 

क्या बोले किसान नेता राकेश टिकैत?
सुप्रीम कोर्ट की जमानत के बाद किसान नेता राकेश टिकैत ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि क्या ये आरोपी आठ हफ्ते बाद वापस फेंक दिए जाएंगे. उन्होंने कहा कि अगर सुप्रीम कोर्ट ये कह रहा है कि उसके परिवार ने किसी को धमकाया नहीं है, और उसका व्यवहार ठीक रहा है, तो ये बोगस दलील है. 

टिकैत ने कहा कि इस तरह की दलील हर किसी को देनी चाहिए. उन्होंने कहा कि 302 के और मामलों में भी इन दलीलों को ध्यान में रखते हुए और हत्या के केसों में जमानत दे देनी चाहिए.

क्या है पूरा मामला?
3 अक्टूबर 2021 को लखीमपुर खीरी के तिकुनिया में कथित तौर पर 8 लोगों की गाड़ी से कुचल कर हत्या कर दी गई थी. किसानों ने आरोप लगाया कि जिस गाड़ी ने किसानों को कुचला उस गाड़ी में आशीष मिश्रा बैठे हुए थे. इसी आरोप के आधार पर आशीष मिश्रा को पुलिस ने हत्या का आरोपी मानते हुए गिरफ्तार किया था.

 

गुजरात (Gujarat) की एक अदालत ने 24 जनवरी को अल्पसंख्यक समुदाय के 17 लोगों की हत्या के मामले में 22 आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया. यह मामला कोर्ट में लगभग 18 साल तक चला, जोकि 2002 में हुए गोधरा कांड से जुड़ा है. आरोपियों पर दो बच्चे समेत अल्पसंख्यक समुदाय के 17 लोगों को मारने का आरोप था. 28 फरवरी 2002 में इन लोगों की हत्या की गई थी और सबूत मिटाने के लिए इनकी लाशें भी जला दी गई थीं. 

गुजरात (Gujarat) की एक अदालत ने 24 जनवरी को अल्पसंख्यक समुदाय के 17 लोगों की हत्या के मामले में 22 आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया. यह मामला कोर्ट में लगभग 18 साल तक चला, जोकि 2002 में हुए गोधरा कांड से जुड़ा है. आरोपियों पर दो बच्चे समेत अल्पसंख्यक समुदाय के 17 लोगों को मारने का आरोप था. 28 फरवरी 2002 में इन लोगों की हत्या की गई थी और सबूत मिटाने के लिए इनकी लाशें भी जला दी गई थीं. 


गुजरात (Gujarat) की एक अदालत ने 24 जनवरी को अल्पसंख्यक समुदाय के 17 लोगों की हत्या के मामले में 22 आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया. यह मामला कोर्ट में लगभग 18 साल तक चला, जोकि 2002 में हुए गोधरा कांड से जुड़ा है. आरोपियों पर दो बच्चे समेत अल्पसंख्यक समुदाय के 17 लोगों को मारने का आरोप था. 28 फरवरी 2002 में इन लोगों की हत्या की गई थी और सबूत मिटाने के लिए इनकी लाशें भी जला दी गई थीं. 

गुजरात (Gujarat) की एक अदालत ने 24 जनवरी को अल्पसंख्यक समुदाय के 17 लोगों की हत्या के मामले में 22 आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया. यह मामला कोर्ट में लगभग 18 साल तक चला, जोकि 2002 में हुए गोधरा कांड से जुड़ा है. आरोपियों पर दो बच्चे समेत अल्पसंख्यक समुदाय के 17 लोगों को मारने का आरोप था. 28 फरवरी 2002 में इन लोगों की हत्या की गई थी और सबूत मिटाने के लिए इनकी लाशें भी जला दी गई थीं. 

गुजरात (Gujarat) की एक अदालत ने 24 जनवरी को अल्पसंख्यक समुदाय के 17 लोगों की हत्या के मामले में 22 आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया. यह मामला कोर्ट में लगभग 18 साल तक चला, जोकि 2002 में हुए गोधरा कांड से जुड़ा है. आरोपियों पर दो बच्चे समेत अल्पसंख्यक समुदाय के 17 लोगों को मारने का आरोप था. 28 फरवरी 2002 में इन लोगों की हत्या की गई थी और सबूत मिटाने के लिए इनकी लाशें भी जला दी गई थीं. 

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