एक्सप्लोरर

बुलंद भारत की बदनसीब तस्वीर: घरों में 'रामायण' और सड़कों पर भूख से 'महाभारत'

कोरोना संकट के बीच पलायन का संकट नया खड़ा हुआ है.लॉकडाउन के दौर में दिल्ली और आसपास के शहरों से लोग अपने-अपने घर जाने के लिए बेताब हैं.

देश में कोरोना का कहर है तो सड़कों पर गांवों का शहर है. एक भी मुख्य सड़क बची नहीं है जहां पर गांव जाने वाले गरीबों का रेला नहीं लगा है. हर सड़क पर गरीबी और लाचारी ही बिखरी पड़ी है. देश को लॉकडाउन करने से पहले गरीबों को गांवों तक पहुंचा दिया गया होता या फिर उनमें भरोसा जगा दिया गया होता कि आप जहां हैं, वही रहें, सरकार किसी को भूखा नहीं सोने देगी. तो क्या तब हालात अलग होते? लेकिन ऐसा नहीं किया गया. हां सरकार ने ऐलान तो बड़े पैकेज का किया लेकिन तब तक देर हो चुकी थी और उसका असर नाकाफी रहा.

अब पूरे देश में लॉकडाउन होने के कारण सैकड़ों प्रवासी पैदल ही अपने घरों की ओर लौटने को मजबूर हैं. इन लौटने वालों में हिंदुस्तान के मस्तक से गुजरती तकलीफ और वेदना की लकीरें दिखती हैं. भूख और गरीबी की अटूट जंजीरें, बिलखते बच्चे, तड़पती माताएं और छटपटाते पिता इस भीड़ का हिस्सा हैं.

यह इसलिए है क्योंकि ना हम और ना हमारा शासन-प्रशासन ये सब देखने के लिए तैयार है. जिन्होंने गरीबों के लिए नीतियां बनाई, उनकी कल्पना से परे कहीं ज्यादा गरीबी हमारे हिंदुस्तान की माटी में गड़ी हुई थी. कोरोना की बीमारी तो हवाई जहाज के रास्ते रईस ले आए, लेकिन अब चलते-चलते गरीबों के हवाई चप्पल घिस रही हैं.

सड़कों पर लगी गरीबों की कतारें सामाजिक और आर्थिक विभाजन का मार्मिक आभास कराती हैं और बताती हैं कि जैसे तस्वीरें हिंदुस्तान ने 1947 में विभाजन के वक्त देखी थी, उसमें और आज के कोरोना काल में तनिक भी अंतर रह नहीं गया. देश की सड़कों पर खींची जा चुकी मुफलिसी की तमाम लकीरें ये बताती हैं कि खूबसूरत और चमकते-धमकते शहरों के अंदर कितना अंधेरा है. शायद इसीलिए ये लोग जिनका शरीर भी ठीक से साथ नहीं दे रहा, इनको अब अपने गांव की झोपड़ी के अंधकार में ही जिदंगी का आफताब नजर आने लगा है.

पिछले 3-4 दिन से पैदल ही चलते जा रहे ये वो लोग हैं, जो शहरों के बंगलों-बिल्डिंगों के लिजलिजे तहखानों में जानवरों की तरह पड़े थे. हमारे आस-पास ही रहते थे, कभी दिखते थे, कभी हम देखना नहीं चाहते थे लेकिन अब ये दाल-भात की तलाश में सड़कों पर बखूबी नजर आने लगे हैं, वो भी हजारों की संख्या में. कोरोना के डर से सोशल डिस्टेंसिंग की बात करते बुलंद भारत की ये सबसे बदनसीब तस्वीर है.

अब तक शहरों में भूखे बच्चे आसमान ओढ़कर सोते थे, मां पत्थरों को तोड़कर रोटी कमाती थी और उसी से इन मासूमों को कभी एक वक्त तो कभी दो वक्त की रोटी मिलती थी. लेकिन लॉकडाउन ने जब उस रोटी पर भी कर्फ्यू लगा दिया तो शहरों ये करें क्या करें, जिएं तो जिएं कैसे. कुछ लोग कहते हैं ये गरीब-गुर्गे भागकर यूं गांव जाएंगे तो बीमारी साथ ले जाएंगे, बात भी सच है लेकिन हर कोई गटर की पाइप लाइन में रह तो नहीं सकता.

घरों में ‘रामायण’ और सड़कों पर भूख से ‘महाभारत’

एक तफ जहां देश की सड़कों पर भूख की महाभारत नजर आ रही है तो वहीं देश के नेता घरों में बैठकर टीवी पर रामायण देख रहे हैं. सरकार शायद देखने में देर कर चुकी है तो सवाल यही कि क्या सरकार इस स्थिति से बेखबर थी. क्या सरकार और उसके अधिकारियों को ये नहीं पता था कि....

* देश में 27 करोड़ लोग गरीबी रेखा के नीचे जीते हैं

* देश में 19 करोड़ लोग भूखे पेट सोते हैं

तो सरकार ने क्यों नहीं पहले ही सोच लिया कि भूखे लोगों को रोटी नहीं मिलेगी और हाल यही होगा. अब सरकारें किराया माफ करवाएं या फिर बसें चलवाएं, फर्क क्या पड़ता है. अब तो राहत के सारे ऐलान भी बेमानी से लगते हैं क्योंकि हर तरफ अफरा तफरी का माहौल है. दिल्ली बॉर्डर से बस चलने की सूचना क्या मिली, पूरी की पूरी सड़क पट गई. तिल रखने तक की जगह नहीं बची है. जब ये पता है कि कोरोना छूने से फैलता है, तब इससे खतरनाक और क्या हो सकता है.

लोगों को लग रहा है, कोरोना तो अमीरों की बीमारी है लेकिन लोग ये भूल गए हैं गरीब भी तो विदेश जाने वाले या विदेश से लौटे अमीरों के पास ही काम करते हैं. ऐसे में खुदा ना खास्ता, एक भी संक्रमित इस स्थिति में गांव तक पहुंच गया, तो फिर हालात बेकाबू हो जाएंगे, और सबकुछ हाथ से निकलने लग जाएगा.

IPL

ABP Shorts

View More

Before You Go

Sponsored Links by Taboola

Live Tv

ABP न्यूज़
ABP Majha
ABP Asmita
ABP Sanjha
ABP Ananda
ABP Live
POWERED BY
sponsor
Hello Guest

व्यक्तिगत

टॉप स्टोरीज
रील्स
लखनऊ के लिए मुसीबत बना 21 करोड़ का खिलाड़ी11
लखनऊ के लिए मुसीबत बना 21 करोड़ का खिलाड़ी1
उधर टैरिफ लगाने की बात इधर भारत संग ट्रेड को बेताब ट्रंप, US राजदूत बोले- 99 प्रतिशत डील पक्की, मैं कल ही...
उधर टैरिफ लगाने की बात इधर भारत संग ट्रेड को बेताब ट्रंप, US राजदूत बोले- 99 प्रतिशत डील पक्की, मैं कल ही...
Mannadipet Election 2026 Results LIVE: विधानसभा क्षेत्र मन्नादीपेट के सबसे तेज़ और सटीक नतीजे, यहाँ देखें लाइव
Mannadipet Election 2026 Results LIVE: विधानसभा क्षेत्र मन्नादीपेट के सबसे तेज़ और सटीक नतीजे, यहाँ देखें लाइव
Bihar New CM: बिहार में नई सरकार से पहले JDU की बड़ी मांग, 'निशांत कुमार बनें CM'
Bihar New CM: बिहार में नई सरकार से पहले JDU की बड़ी मांग, 'निशांत कुमार बनें CM'
साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में उभरता नाम: बीकानेर के सुरेंद्र बेनीवाल
साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में उभरता नाम: बीकानेर के सुरेंद्र बेनीवाल
सम्राट चौधरी ने ली बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ, JDU से बने दो डिप्टी सीएम
सम्राट चौधरी ने ली बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ, JDU से बने दो डिप्टी सीएम
Hormuz Strait: बॉम्बर से बम गिराकर होर्मुज स्ट्रेट क्यों नहीं खुलवा देता अमेरिका, जानें अब भी कितनी मजबूत है ईरान की नेवी?
Hormuz Strait: बॉम्बर से बम गिराकर होर्मुज स्ट्रेट क्यों नहीं खुलवा देता अमेरिका, जानें अब भी कितनी मजबूत है ईरान की नेवी?
Aआसमान छूती कीमतों के बीच दिवाली से पहले देश में क्यों हुई चांदी की कमी
Aआसमान छूती कीमतों के बीच दिवाली से पहले देश में क्यों हुई चांदी की कमी
Embed widget