1.देवकीनंदन ठाकुर क्यों बोले 5-6 बच्चे पैदा करे सनातनी, लव जेहाद से रामचरितमानस तक, जानें उनकी जुबानी

एक बात ये स्पष्ट समझ लीजिए कि ये मुझे भी मालूम है कि इस समय जनसंख्या बहुत बढ़ रही है और यह एक परमाणु बम से भी बहुत बड़ा विस्फोट है. हमारे संसाधन कम हैं और उनका शोषण करने वाले ज्यादा हैं. यह जानने के बावजूद अगर मैं कुछ कह रहा हूं तो वो सिर्फ बैलेंस बनाने के लिए क्योंकि आज ये सेक्यूलर देश है. किसी को चार शादी करने के लिए छूट दे दी, एक व्यक्ति को 40 बच्चे पैदा करने के लिए छूट दे दी और सनातनियों को कह दिया गया कि तुम दो बच्चे करो, दो ही बच्चे अच्छे...तो अगर सनातनी दो ही बच्चों पर अटका रहा तो भारत का बैलेंस बिगड़ जाएगा. ऐसे में जो आज बहुसंख्यक हैं इनको अल्पसंख्यक होने में ज्यादा समय नहीं लगेगा. और जिस दिन सनातनी अल्पसंख्यक हो गया तो विश्वास के साथ दूसरे देश के जो माहौल है उसे देखकर ये कह सकता हूं कि आने वाले 20-25 साल बाद ये सेक्यूलर देश ही नहीं रह जाएगा.
ये देश तभी तक सुरक्षित है जब तक सनातनी बहुसंख्यक हैं. इसलिए देश को बचाए रखने के लिए, देश की प्रगति के लिए, इस देश की सभ्यता को बनाए रखने के लिए ये बात कह रहा हूं. मैंने तो सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दे रखी है जनसंख्या नियंत्रण कानून के लिए, लेकिन उस पर अगर सुनवाई ही नहीं हो रही है. अगर बात नहीं होगी तो सनातनी एक तरह से अल्पसंख्यक हो जाएंगे. कई प्रदेशों में हम लोग अल्पसंख्यक हो चुके हैं और हमें अल्पसंख्यक का दर्जा भी नहीं दिया जाता है. इस तरीके से सनातनियों का शोषण हो रहा है. इसलिए मैं कह रहा हूं कि जब तक जनसंख्या नियंत्रण पर कोई कानून नहीं आए हर सनातनी को पांच से छह बच्चे पैदा करना चाहिए.
चार और चालीस का अंतर तो नहीं चलेगा
फर्टिलिटी रेट मुसलमानों में कम होने की बात भले ही ओवैसी जैसे कुछ नेता कह रहे हैं, वो तो और भी बहुत कुछ कहते हैं. उनके कहने से क्या देश बदल जाएगा? वो देश के संविधान थोड़ी हैं. वो इस देश के एक क्षेत्र के सांसद हैं. मैं इस देश का नागरिक हूं और उस नाते मुझे आने वाली समस्या दिख रही है. अगर मुझे जो समस्या दिख रही है तो मैं बोल रहा हूं. ओवैसी के पास जो स्टेज है वो उसका प्रयोग कर रहे हैं.
























