ऐप्पल ने स्टोरेज और मेमोरी चिप की बढ़ती लागत के कारण अपने प्रोडक्ट्स के दाम बढ़ाए हैं। कंपनी का कहना है कि यह उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग के सामने एक अभूतपूर्व चुनौती है।
Apple को फॉलो करेंगी Samsung, Microsoft और Dell, क्या इनके प्रोडक्ट्स भी होंगे महंगे?
Apple Price Hike: ऐप्पल ने मेमोरी और स्टोरेज चिप की बढ़ती लागत का हवाला देते हुए मैकबुक और आईपैड समेत अपने कई प्रोडक्ट्स महंगे कर दिए हैं. कई कंपनियों पहले ही अपने प्रोडक्ट्स के दाम बढ़ा चुकी हैं.Apple Price Hike: ऐप्पल ने मेमोरी और स्टोरेज चिप की बढ़ती लागत का हवाला देते हुए मैकबुक और आईपैड समेत अपने कई प्रोडक्ट्स महंगे कर दिए हैं. कई कंपनियों पहले ही अपने प्रोडक्ट्स के दाम बढ़ा चुकी हैं.

- स्टोरेज और मेमोरी चिप की लागत वृद्धि कारण बताया।
- माइक्रोसॉफ्ट ने भी Xbox कंसोल के दाम बढ़ाए।
- मेमोरी चिप की कीमतें 2027 तक बढ़ सकती हैं।33333333333333
Apple Price Hike: अमेरिकी टेक दिग्गज ऐप्पल ने मैकबुक और आईपैड के दाम बढ़ा दिए हैं. एक ही झटक में कंपनी के प्रोडक्ट्स 70,000 रुपये तक महंगे हो गए हैं. इस प्राइस हाइक का असर कंपनी के सबसे सस्ते लैपटॉप मैकबुक नियो पर भी पड़ा है और इसकी कीमत भी बढ़कर 79,900 रुपये हो गई है. ऐप्पल का कहना है कि स्टोरेज और मेमोरी चिप की बढ़ती लागत के कारण यह बढ़ोतरी की गई है. बता दें कि ऐसा कदम उठाने वाली ऐप्पल पहली कंपनी नहीं है और हालात देखते हुए लग रहा है कि यह आखिरी भी नहीं होगी. सैमसंग समेत कई कंपनियां पहले अपने मोबाइल महंगे कर चुकी हैं. इसी तरह लेनोवो और डेल जैसी कंपनियों के लैपटॉप भी पहले की तुलना में महंगे हो चुके हैं. आने वाले दिनों में भी प्राइस हाइक पर लगाम लगती नजर नहीं आ रही है.
ऐप्पल ने दाम बढ़ाने के पीछे क्या वजह बताई?
दाम बढ़ाने का कारण बताते हुए ऐप्पल ने कहा कि कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री एक अभूतपूर्व चुनौती का सामना कर रही है. डेटा सेंटर के विस्तार के कारण मेमोरी और स्टोरेज चिप की मांग तेजी से बढ़ गई है. हमने पहले कभी इतनी तेजी से किसी कंपोनेंट की कीमतों में इतना इजाफा नहीं देखा था. हम अभी तक इस कीमतों में बढ़ोतरी से ग्राहकों को बचाते आए थे, लेकिन अब हम ऐसे मोड़ पर पहुंच गयए हैं, जहां कुछ प्रोडक्ट्स के दाम बढ़ाने पड़ेंगे.
ऐप्पल के बाद माइक्रोसॉफ्ट ने भी बढ़ाए Xbox कंसोल के दाम
ऐप्पल के दाम बढ़ाने की खबर आने के कुछ देर बाद ही माइक्रोसॉफ्ट की तरफ से भी ऐसी जानकारी सामने आई. माइक्रोसॉफ्ट Xbox ने अपने गेमिंग कंसोल की कीमतों में इजाफे का ऐलान किया है. कंपनी ने भी ऐप्पल की तरह स्टोरेज और मेमोरी चिप की बढ़ती लागत का हवाला दिया है. 1 अगस्त से दुनियाभर में Xbox कंसोल के दाम लगभग 14,000 रुपये तक बढ़ जाएंगे. माइक्रोसॉफ्ट का कहना है कि स्टोरेज और मेमोरी चिप्स 2.5 गुना तक महंगी हो गई हैं और इनके दाम आगे और भी बढ़ सकते हैं.
क्या दूसरी कंपनियां भी बढ़ाएंगी दाम?
मार्केट ट्रेंड को देखते हुए कई एक्सपर्ट्स का कहना है कि मेमोरी चिप्स की कीमतों में इजाफा आगे भी जारी रह सकता है. 2027 के अंत तक इस मामले में राहत मिलने की उम्मीद नहीं है. ऐसे में कंपनियों के अपकमिंग प्रोडक्ट्स के दाम बढ़ने की पूरी संभावना है. अगस्त में गूगल पिक्सल 11 सीरीज लॉन्च करेगी. ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि इस सीरीज के मॉडल बढ़े हुए दामों के साथ लॉन्च हो सकते हैं.
Frequently Asked Questions
ऐप्पल ने अपने मैकबुक और आईपैड के दाम क्यों बढ़ाए हैं?
ऐप्पल ने किन प्रोडक्ट्स के दाम बढ़ाए हैं?
ऐप्पल ने मैकबुक और आईपैड के दाम बढ़ाए हैं। इसमें सबसे सस्ता लैपटॉप मैकबुक नियो भी शामिल है, जिसकी कीमत अब 79,900 रुपये हो गई है।
क्या सिर्फ ऐप्पल ने ही दाम बढ़ाए हैं?
नहीं, ऐप्पल के बाद माइक्रोसॉफ्ट ने भी अपने Xbox कंसोल के दाम बढ़ाए हैं। सैमसंग, लेनोवो और डेल जैसी अन्य कंपनियां भी पहले अपने प्रोडक्ट्स महंगे कर चुकी हैं।
माइक्रोसॉफ्ट ने अपने Xbox कंसोल के दाम क्यों बढ़ाए हैं?
माइक्रोसॉफ्ट ने भी ऐप्पल की तरह स्टोरेज और मेमोरी चिप की बढ़ती लागत को दाम बढ़ाने का कारण बताया है। कंपनी के अनुसार, ये चिप्स 2.5 गुना तक महंगी हो गई हैं।
क्या भविष्य में भी प्रोडक्ट्स के दाम बढ़ सकते हैं?
विशेषज्ञों के अनुसार, मेमोरी चिप्स की कीमतों में वृद्धि 2027 के अंत तक जारी रह सकती है। इससे आने वाले दिनों में अन्य कंपनियों के प्रोडक्ट्स भी महंगे हो सकते हैं।















