Lucknow Fire: 2 लाख... 5 लाख या 10 लाख... किसी भी हादसे के बाद कैसे तय होता है मुआवजा? जानें नियम
Lucknow Fire: 2 लाख... 5 लाख या 10 लाख... किसी भी हादसे के बाद कैसे तय होता है मुआवजा? जानें नियम

Lucknow Fire In Coaching Centre: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आज सोमवार दोपहर को अलीगंज पुरनिया स्थित एक कोचिंग सेंटर में लगी आग में 15 मासूम बच्चों की मौत हो गई है जबकि चार लोग इस हादसे में गंभीर रूप से घायल हैं. इस दर्दनाक घटना पर गहरा शोक जताते हुए पीएम मोदी ने मृतकों के आश्रितों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये की तत्कालिक आर्थिक सहायता राशि देने की घोषणा की है. सरकार के इस कदम के बाद अक्सर लोगों के मन में यह ख्याल आता है कि किसी भी हादसे के बाद सरकार मुआवजे की यह रकम आखिर कैसे तय करती है? क्या यह सिर्फ इच्छा पर निर्भर करता है या इसके पीछे कोई ठोस कानूनी कदम और कड़े नियम काम करते हैं.
सड़क हादसों के बाद कैसे तय होता है मुआवजा
अगर किसी शख्स की सड़क दुर्घटना में मौत हो जाती है या फिर वह गंभीर रूप से घायल हो जाता है तो मुआवजे का निर्धारण मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण द्वारा किया जाता है. इसके तहत कोई एक निश्चित रकम फिक्स नहीं होती है, बल्कि इसके लिए मल्टीप्लायर मेथड यानि गुणांक विधि का
Lucknow Fire In Coaching Centre: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आज सोमवार दोपहर को अलीगंज पुरनिया स्थित एक कोचिंग सेंटर में लगी आग में 15 मासूम बच्चों की मौत हो गई है जबकि चार लोग इस हादसे में गंभीर रूप से घायल हैं. इस दर्दनाक घटना पर गहरा शोक जताते हुए पीएम मोदी ने मृतकों के आश्रितों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये की तत्कालिक आर्थिक सहायता राशि देने की घोषणा की है. सरकार के इस कदम के बाद अक्सर लोगों के मन में यह ख्याल आता है कि किसी भी हादसे के बाद सरकार मुआवजे की यह रकम आखिर कैसे तय करती है? क्या यह सिर्फ इच्छा पर निर्भर करता है या इसके पीछे कोई ठोस कानूनी कदम और कड़े नियम काम करते हैं.
सड़क हादसों के बाद कैसे तय होता है मुआवजा
अगर किसी शख्स की सड़क दुर्घटना में मौत हो जाती है या फिर वह गंभीर रूप से घायल हो जाता है तो मुआवजे का निर्धारण मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण द्वारा किया जाता है. इसके तहत कोई एक निश्चित रकम फिक्स नहीं होती है, बल्कि इसके लिए मल्टीप्लायर मेथड यानि गुणांक विधि का



















