साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में उभरता नाम: बीकानेर के सुरेंद्र बेनीवाल
बीकानेर से नोएडा तक का सफर तय करने वाले साइबर सिक्योरिटी इंजीनियर सुरेंद्र बेनीवाल ने डिजिटल सुरक्षा के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई है। विदेशी साइबर खतरों की पहचान कर उन्होंने जिम्मेदार तरीके से भारतीय एजेंसियों की मदद की।

राजस्थान के बीकानेर में पले-बढ़े सुरेंद्र बेनीवाल ने कभी नहीं सोचा था कि कंप्यूटर स्क्रीन के पीछे बैठकर किया गया काम एक दिन देश की डिजिटल सुरक्षा से जुड़ जाएगा। आज सुरेंद्र नोएडा में रहकर साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में काम कर रहे हैं और Staqo World Pvt. Ltd. में Cybersecurity Engineer के तौर पर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
सुरेंद्र का सफर साधारण था, लेकिन उनकी सोच अलग थी। छोटे शहर से निकलकर उन्होंने साइबर सिक्योरिटी को सिर्फ करियर नहीं, बल्कि एक मिशन की तरह अपनाया। वेब एप्लिकेशन सिक्योरिटी, वल्नरेबिलिटी असेसमेंट और थ्रेट एनालिसिस पर काम करते-करते उन्होंने कई ऐसे डिजिटल पैटर्न्स को समझा, जो आम तौर पर नजरअंदाज हो जाते हैं।
इसी तकनीकी समझ के चलते सुरेंद्र उस समय सुर्खियों में आए जब उन्होंने विदेशी डिजिटल सिस्टम्स से जुड़े संवेदनशील डेटा में मौजूद गंभीर सुरक्षा खामियों की पहचान की। जांच के दौरान उन्हें कुछ ऐसे डिजिटल संकेत मिले, जिनका इस्तेमाल राष्ट्रविरोधी और आतंकी नेटवर्क कर सकते थे। सुरेंद्र ने बिना किसी देरी के पूरी जानकारी को जिम्मेदार और कानूनी प्रक्रिया के तहत भारतीय संबंधित एजेंसियों तक पहुँचाया।
समय रहते दी गई इस तकनीकी जानकारी से संभावित साइबर खतरे को टालने में मदद मिली और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर को सुरक्षित करने की दिशा में अहम कदम उठाए जा सके। साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स का मानना है कि ऐसे मामलों में शुरुआती संकेत ही सबसे अहम होते हैं, और सुरेंद्र ने वही जिम्मेदारी निभाई।
सुरेंद्र खुद कहते हैं,
“साइबर दुनिया में लड़ाई बंदूक से नहीं, दिमाग से लड़ी जाती है। अगर एक सही समय पर दी गई जानकारी देश को नुकसान से बचा सकती है, तो वही सबसे बड़ी उपलब्धि है।”
बीकानेर जैसे शहर से निकलकर नोएडा की तेज़ रफ्तार टेक इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाना आसान नहीं था, लेकिन सुरेंद्र की मेहनत और लगातार सीखने की आदत ने उन्हें यहां तक पहुँचाया। आज वे न सिर्फ एक प्रोफेशनल साइबर सिक्योरिटी इंजीनियर हैं, बल्कि उन युवाओं के लिए भी प्रेरणा हैं जो टेक्नोलॉजी के ज़रिए देश के लिए कुछ करना चाहते हैं।
डिजिटल दौर में जब जंग सीमा पर नहीं, बल्कि सर्वर्स और नेटवर्क्स पर लड़ी जा रही है, ऐसे में सुरेंद्र बेनीवाल जैसे प्रोफेशनल्स देश की अदृश्य सुरक्षा दीवार बनकर खड़े हैं।
























