नीरव मोदीः हीरा ज्वेलरी का ऐसा नाम जिसके गहने देखते ही खरीदने के लिए लालायित हो जाते थे लोग
प्रत्यर्पण से बचने के लिए नीरव मोदी की ओर से कोर्ट में कई दलीलें दी गई. कोर्ट ने नीरव मोदी की दलीलों को खारिज करते हुए उन्हें भारत के लिए प्रत्यर्पित कर दिया.

नई दिल्लीः करोड़ों के गहने पहन कर रैंप पर शान से चलती मॉडल्स हों या फिर फिल्म जगत के कलाकार सभी को एक बार नीरव मोदी का ज्वेलरी दिल को ललचा देता था. करीने से सजे और जौहरी के हाथों बारीकियों से तराशे गए नीरब मोदी ब्रांड के गहने होते ही ऐसे थे कि जो भी देखे एक बार खरीदने को मचल उठता था. फिल्म एक्ट्रेस प्रियंका चोपड़ा से लेकर सिद्धार्थ मल्होत्रा तक नीरव मोदी के गहनों के लिए विज्ञापन कर चुके हैं. नीरव मोदी अपने ग्राहकों और मेहमनों को लुभाने में कोई कसर नहीं छोड़ते थे. यही कारण है कि कि वह अपने अतिथियों को लुभाने के लिए पेड़ों को भी हीरों से जड़ देते थे. नीरव मोदी ब्रांड की चाहत ही ऐसी थी कि सेलिब्रिटियां भी इस ज्वेलरी से दूर नहीं हो पाती थी.
नीरव मोदी हीरे की ज्वेलरी का बहुत बड़ा कारोबारी है और ग्लैमर की दुनिया में जाना पहचाना नाम. 48 साल के नीरव मोदी ने अपने नाम से ही हीरों के ज्वेलरी का ब्रांड बनाया. इनके गहने सेलिब्रिटियों को इतने भाए कि 'सितारों की दुनिया' में नीरव मोदी ब्रांड बन गए. नीरव मोदी की दो कंपनियां हैं. पहला हीरों का कारोबार करने वाली कंपनी फायरस्टार डायमंड और दूसरी कंपनी नीरव मोदी के नाम से ही है. अपने हुनर और नीरव मोदी ब्रांड की खासियत के कारण वह 'नीरव मोदी ब्रांड' को दुनिया का सबसे बड़ा लक्जरी ब्रांड बनाना चाहते थे. लेकिन, समय का पहिया ऐसा घूमा कि डायमंड किंग नीरव मोदी लोगों के लिए भगोड़ा नीरव मोदी बन गए. डायमंड कैपिटल के नाम से मशहूर बेल्जियम के एंटवर्प शहर के डायमंड ब्रोकर परिवार से नीरव मोदी का ताल्लुक है. एक समय ऐसा था कि वह खुद ज्वेलरी डिजाइन नहीं करना चाहते थे. लेकिन, उन्होंने पहली ज्वेलरी डिजाइन की और मार्केट में छा गया. जिसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़ कर नहीं देखा.























