एक्सप्लोरर

म्यांमारः तख्तापलट के पीछे हो सकता है चीन का हाथ

म्यांमार में मिलिट्री-रूल का लंबा इतिहास रहा है. साल 1948 में इंग्लैंड से मिली आजादी के बाद 1962 में पहली बार सेना ने सरकार को पलट दिया था.

म्यांमार में हुए सैन्य तख्तापलट के पीछे क्या चीन की करतूत हो सकती है. इस बड़े सवाल पर संस्पेस बना हुआ है. लेकिन तख्तापलट के बाद कुछ ऐसे सबूत मिल रहे हैं जिससे ये शक गहरा जाता है कि भारत के पड़ोसी देश म्यांमार में हुए तख्तापलट में चीन का हाथ हो सकता है. एबीपी न्यूज को मिली जानकारी के मुताबिक, चीन ने म्यांमार में आंदोलन को कुचलने के लिए एक खास साइबर टीम रंगून भेजी है जो सरकार ('मिलिट्री-जुंटा') के खिलाफ सोशल मीडिया पर चल रहे प्रोपेगेंडा को मॉनिटर और कंट्रोल करने का काम करेगी.

एबीपी न्यूज को विश्वसनीय सूत्रों से जानकारी मिली है कि 10-11 फरवरी को चीन की एक साइबर टीम यूनान प्रांत के कुमिंग शहर से म्यांमार के रंगून शहर पहुंची है. इस चीनी टीम का उद्देश्य, म्यांमार के साइबर स्पेस को मॉनिटर और कंट्रोल करने का है.

सिविल आंदोलन को कुचलने में माहिर है चीन

जानकारी के मुताबिक, चीन की मिलिट्री-जुंटा (सैन्य-शासन) ने चीन से इस साइबर टीम के लिए आग्रह किया था. क्योंकि चीन को इस तरह के सिविल-आंदोलनों को कुचलने में महारत हासिल है और चीन में इंटरेनट पर चीनी सरकार का बड़ा कंट्रोल है. म्यांमार पहुंची इस साइबर टीम का मुख्य काम मिलिट्री-गर्वमेंट के खिलाफ ऑनलाइन चलाए जा रहे आंदोलन, प्रोपेगेंडा और दूसरी गतिविधियों को रोकना है.

आपको बता दें कि हाल ही में म्यांमार सेना ('तात्मादा')ने लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकार का तख्ता पलट कर शासन अपने हाथ में ले लिया है. साथ ही म्यांमार की सबसे बड़ी नेता, आंग सान सू क्यू सहित सरकार के नुमाइंदों को जेल में डाल दिया है. सेना का आरोप है कि हाल ही में म्यांमार में हुए चुनावों में सू की कि पार्टी ने जबरदस्त तरीके से धांधली की थी. इसीलिए, सेना ने सरकार को हटाकर सत्ता अपने हाथ में ले ली है.

क्या है तख्तापलट का कारण

दरअसल, इस तख्तापलट का एक बड़ा कारण सरकार (पुरानी सरकार जिसका तख्तापलट किया है) उसमें सेना का हिस्सेदारी और दबदबे को कम करना माना जा रहा है. क्योंकि, हालिया चुनाव में आंग सान सू क्यू की पार्टी बिना सेना की मदद से सरकार बनाने में सक्षम थी. इसीलिए माना जा रहा है कि म्यांमार सेना ने ये तख्तापलट किया है. दरअसल, वर्ष 2011 में जब म्यांमार (बर्मा) में एक लंबे सैन्य शासन के बाद लोकतंत्र की बहाली की गई थी, तब सेना ने संविधान में ये प्रावधान किया था कि जो भी पार्टी सत्ता में आएगी उसे 30 प्रतिशत भागेदारी सेना को देनी होगी.

म्यांमार में मिलिट्री-रूल का एक लंबा इतिहास रहा है. इंग्लैंड से 1948 में आजादी के बाद 1962 में पहली बार सेना ने सरकार का तख्तापलट किया था. उसके बाद से 2011 तक सेना ने ही भारत के इस पड़ोसी देश पर राज किया है. लेकिन दस साल लोकतंत्र रहने के बाद एक बार से वहां सेना सत्ता पर काबिज हो गई है.

पाकिस्तान की बेपटरी हुई ‘कंगाल’ रेल को कैसे दौड़ाएंगे इमरान खान, चीन ने दिया ‘धोखा’

शिकागो में एक कपल ने रेस्टोरेंट में दे डाली 2 हजार डॉलर की टिप, वजह जानकर हो जाएंगे हैरान 

IPL

ABP Shorts

View More

Before You Go

Sponsored Links by Taboola
Hello Guest

व्यक्तिगत

टॉप स्टोरीज
रील्स
Ganesh Chaturthi 2025: गणेश चतुर्थी पर किस मुहूर्त में घर लाएं गणपति मूर्ति, जानें शुभ समय new new new
Ganesh Chaturthi 2025: गणेश चतुर्थी पर किस मुहूर्त में घर लाएं गणपति मूर्ति, जानें शुभ समय new new new
राधा अष्टमी 2025: राधा-कृष्ण के दिव्य प्रेम का रहस्य! जानें पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और महत्व
राधा अष्टमी 2025: राधा-कृष्ण के दिव्य प्रेम का रहस्य! जानें पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और महत्व
Israel-Iran War LIVE: अमेरिका की एयरस्ट्राइक के बाद भड़का ईरान, इजरायल में लगातार बमबारी; यरूशलम में सुनी गई धमाकों की आवाज
Israel-Iran War LIVE: अमेरिका की एयरस्ट्राइक के बाद भड़का ईरान, इजरायल में लगातार बमबारी; यरूशलम में सुनी गई धमाकों की आवाज
3 राज्य के 7 जिलों को मोदी सरकार की बड़ी सौगात, 6400 करोड़ के रेलवे प्रोजेक्ट को दी मंजूरी
3 राज्य के 7 जिलों को मोदी सरकार की बड़ी सौगात, 6400 करोड़ के रेलवे प्रोजेक्ट को दी मंजूरी
सर्वदलीय बैठक : विपक्ष ने मणिपुर स्थिति पर प्रधानमंत्री के बयान की मांग की, सरकार चर्चा को राजी
सर्वदलीय बैठक : विपक्ष ने मणिपुर स्थिति पर प्रधानमंत्री के बयान की मांग की, सरकार चर्चा को राजी
खबर टमाटर कीमत
खबर टमाटर कीमत
युवकों के ‘निर्वस्त्र’ प्रदर्शन को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरा, मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग
युवकों के ‘निर्वस्त्र’
मोहन भागवत कल इंदौर में इंदौर के दशहरा मैदान में हो रहे स्वर सत्कम शिविर के घोष वादन कार्यक्रम में होंगे शामिल यह कार्यक्रम शुक्रवार दोपहर 3:30 होगा
के दशहरा मैदान में हो
Embed widget