LJP को एकजुट रखना चिराग पासवान के लिए बड़ी चुनौती, नाराज नेताओं को रोकने के प्रयास जारी

गुरुवार को पार्टी के 208 नेता एलजेपी का 'बंगला' छोड़कर जेडीयू में शामिल हो गए. एलजेपी छोड़कर जा रहे नेताओं को पार्टी के साथ एकजुट रखना पार्टी के अध्यक्ष चिराग पासवान के लिए एक चुनौती है.

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पटना: लोकजनशक्ति पार्टी के संस्थापक और केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के निधन के बाद एलजेपी में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है. पार्टी के नेता पार्टी छोड़कर अन्य दलों का दामन थाम रहे हैं. एलजेपी भले ही 'समुद्र मंथन' के दौर से गुजरने की बात कर रही हो, लेकिन पार्टी के नेता भी संगठन में व्यापक बदलाव की वकालत कर रहे हैं. एलजेपी के कई नेता कांग्रेस जैसी पार्टी में शामिल हुए थे और बुधवार को पूर्व विधायक और बीजेपी से एलजेपी में आए रामेश्वर चौरसिया ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया. 'अपनों' से मिल रहे इन झटकों से अभी पार्टी उबर भी नहीं पाई थी कि गुरुवार को पार्टी के 208 नेता एलजेपी का 'बंगला' छोड़कर जेडीयू में शामिल हो गए.

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एलजेपी अब भले ही पार्टी छोड़ने वाले लोगों को गद्दार बताते हुए सफाई दे रही है. एलजेपी ने इन नेताओं के पार्टी छोड़े जाने के बाद एक बयान जारी कर कहा कि जेडीयू को 'बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट' के गद्दार मुबारक हों. हमारी पार्टी समुद्र मंथन के दौर में है और एलजेपी से निकले लोग जेडीयू में चले गए हैं. एलजेपी की ओर से जारी किए गए एक बयान में कहा गया, "बीते बिहार विधानसभा चुनाव में एलजेपी ने अकेले चुनाव लड़ने का निर्णय लिया और ये सभी कमजोर व गद्दार नेता भाग खड़े हुए. इन्होंने 'बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट' से गद्दारी की और बीते चुनाव में जेडीयू उम्मीदवारों का साथ दिया. लेकिन, जनता ने जेडीयू को सबक सिखाया."

चिराग पासवान पार्टी के संगठन में बदलाव में जुटे हैं

एलजेपी का मानना है कि, "इन गद्दार नेताओं के पार्टी छोड़ने से यह तय हो गया है कि जेडीयू अब खात्मे की ओर है. क्योंकि, ये लोग जहां भी जाते हैं वहां गद्दारी करते हैं. जेडीयू को गद्दार मुबारक हों." बयान में दावा करते हुए कहा गया कि एलजेपी की कमान चिराग पासवान के मजबूत कंधों पर है. चिराग, बिहार और बिहारी फर्स्ट के लिए सत्ता नकारने वाले शेर हैं. इधर, एलजेपी के एक नेता नाम नहीं प्रकाशित करने की शर्त पर कहते हैं कि, "पार्टी संगठन में अब व्यापक पैमाने में बदलाव की जरूरत है, तभी नाराज नेताओं को रोका जा सकता है. पार्टी के नए अध्यक्ष चिराग पासवान पार्टी के संगठन में बदलाव में जुटे हैं. हालांकि वे कहते हैं कि इसमें क्या बदलाव होता है, यह तो देखना होगा."

उल्लेखनीय है कि हाल में ही एलजेपी के सांसद चंदन कुमार सिंह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात कर चुके हैं. इसके पहले एलजेपी के राज्य में एकमात्र विधायक राजकुमार भी जेडीयू के नेता और मंत्री अशोक चौधरी से मुलाकात कर चुके हैं. बाद में हालांकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस मामले को लेकर कह चुके हैं कि मुख्यमंत्री होने के नाते उनसे किसी भी दल के सांसद, विधायक क्षेत्र की समस्याओं को लेकर मिलते हैं, इसमें राजनीति नहीं देखनी चाहिए. बहरहाल, एलजेपी के समुद्र मंथन के दौर में पार्टी छोड़कर जा रहे नेताओं को पार्टी के साथ एकजुट रखना पार्टी के अध्यक्ष चिराग पासवान के लिए एक चुनौती है.

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