एक्सप्लोरर

'थ्री इडियट्स' वाले सोनम वांगचुक ने बनाया सूरज की रोशनी से गर्म होने वाला टेंट, LAC पर जवानों को मिलेगी मदद, जानें खूबियां

मशहूर भारतीय वैज्ञानिक सोनम वांगचुक पर ही फिल्म थ्री इडियट्स बनी थी. उन्होंने ऐसा टेंट बनाया है जो सूरज की रोशनी से गर्म रहेगा. बाहर चाहे माइनस बीस डिग्री तामपान हो लेकिन इस टेंट के अंदर गर्मी मिलेगी.

नई दिल्ली: लगातार नौ महीने तक बेहद मुश्किल भरे में हालात में हमारे जवानों ने एलएसी पर चीन के हौसले तोड़ दिए. चीन को उसी की जुबान में जवाब देने के लिए हमारे जवान कड़ाके की ठंड में बर्फीली चोटियों पर डटे रहे. इस सर्दी से मुकाबला इतना आसान नहीं है. लेकिन अब ऐसे हालात का सामना करने वालों के जवानों के लिए एक अच्छी खबर है. मशहूर भारतीय आविष्कारक सोनम वांगचुक ने एक ऐसा टेंट तैयार किया है, जो बिना बिजली और बैटरी के बर्फीली चोटियों में जवानों को गर्म रखेगा. सोनम वांगचुक पर मशहूर फिल्म थ्री इडियट्स बनी थी.

क्या है इस टेंट की खूबी?

ये टेंट बिना बिजली और बैटरी के करेगा काम. ये सोलर हीटेड मिलिट्री टेंट है, जिसमें बर्फीले पहाड़ो और कड़ाके की ठंड में भी आराम से रहा जा सकता है. क्योंकि ये टेंट कई खूबियों से लैस है. इस टेंट के अंदर तापमान 15 डिग्री बना रहेगा, फिर चाहे बाहर का तापमान माइनस 20 डिग्री सेल्सियस ही क्यों न हो. और सबसे बड़ी बात ये कि गर्मी बनाए रखने के लिए इस स्पेशल टेंट को न तो बिजली की जरुरत होती है और न ही बैटरी की. बल्कि ये सोलर एनर्जी पर काम करता है. इस टेंट का वजन सिर्फ 30 किलोग्राम है और इसमें 5 से 10 जवान तक रह सकते हैं. सोनम वांगचुक के मुताबिक ये टेंट उन परिस्थियों के लिए बेहद कारगर है, जिसमें हमारे जवान एलएसी में रहते हैं. इसे बेहद खास ढंग से तैयार किया है.

कैसे काम करता है टेंट?

टेंट के तीन हिस्से हैं. पहला हिस्सा सूरज की रोशनी से गर्म होता है. दूसरा हिस्सा खास किस्म की दीवार है. दीवार सूरज की गर्मी को सोखकर रोक लेती है. तीसरा हिस्सा थर्मल वॉल है . थर्मल वॉल अंदर की गर्मी बाहर नहीं जाने देती. इन्हीं तीन हिस्सों की मदद से ये टेंट दिन में मिली सूरज की रोशनी की गर्मी को कैद कर लेता है, जिससे रात में भी टेंट में गर्मी बनी रहती है.

एलएसी पर हमारे जवान कड़ाके की ठंड से लड़ने के लिए स्पेशल सूट और जूते पहनते हैं. इसके बावजूद इन इलाको में इतनी ठंड होती है कि जवानों को आग का सहारा लेना पड़ता है और इसके लिए जवानों को केरोसिन भेजा जाता है. ये टेंट अगर एलएसी पर जवानों तक पहुंचे तो उन्हें कड़ाके की सर्दी से काफी राहत मिल सकती है.

सोनम वांगचुक ने अभी सिर्फ सोलर टेंट का प्रोटोटाइप तैयार किया है. लेकिन उनका दावा है कि वो इससे बेहतर वर्जन भी तैयार करेंगे. इस प्रोटोटाइप की कीमत करीब 5 लाख रुपए हैं, लेकिन इससे ज्यादा सुविधाओं से लैस जो टेंट वो बनाने वाले हैं उसकी कीमत 10 लाख रुपए तक हो सकती है.

बता दें कि सोनम वांगचुक ने कुछ महीने पहले चीन के बने सामान का बहिष्कार करने की मुहिम सोशल मीडिया पर चलाई थी. अब उन्होने मेड इन इंडिया सोलट टेंट बनाकर चीन पर करारा वार किया है. क्योंकि ये टेंट हमारे उन जवानों के लिए बेहद काम का है, जो एलएसी पर सीना तान कर चीन को मुंहतोड़ जवाब दे रहे हैं.

डेपसांग प्लेन में डिसइंगेजमेंट आसान नहीं, इन वजहों से भारत-चीन के बीच अटक सकता है बड़ा पेंच 

IPL

ABP Shorts

View More

Before You Go

Sponsored Links by Taboola
Hello Guest

व्यक्तिगत

टॉप स्टोरीज
रील्स
लखनऊ के लिए मुसीबत बना 21 करोड़ का खिलाड़ी11
लखनऊ के लिए मुसीबत बना 21 करोड़ का खिलाड़ी1
उधर टैरिफ लगाने की बात इधर भारत संग ट्रेड को बेताब ट्रंप, US राजदूत बोले- 99 प्रतिशत डील पक्की, मैं कल ही...
उधर टैरिफ लगाने की बात इधर भारत संग ट्रेड को बेताब ट्रंप, US राजदूत बोले- 99 प्रतिशत डील पक्की, मैं कल ही...
Mannadipet Election 2026 Results LIVE: विधानसभा क्षेत्र मन्नादीपेट के सबसे तेज़ और सटीक नतीजे, यहाँ देखें लाइव
Mannadipet Election 2026 Results LIVE: विधानसभा क्षेत्र मन्नादीपेट के सबसे तेज़ और सटीक नतीजे, यहाँ देखें लाइव
Bihar New CM: बिहार में नई सरकार से पहले JDU की बड़ी मांग, 'निशांत कुमार बनें CM'
Bihar New CM: बिहार में नई सरकार से पहले JDU की बड़ी मांग, 'निशांत कुमार बनें CM'
साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में उभरता नाम: बीकानेर के सुरेंद्र बेनीवाल
साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में उभरता नाम: बीकानेर के सुरेंद्र बेनीवाल
सम्राट चौधरी ने ली बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ, JDU से बने दो डिप्टी सीएम
सम्राट चौधरी ने ली बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ, JDU से बने दो डिप्टी सीएम
Hormuz Strait: बॉम्बर से बम गिराकर होर्मुज स्ट्रेट क्यों नहीं खुलवा देता अमेरिका, जानें अब भी कितनी मजबूत है ईरान की नेवी?
Hormuz Strait: बॉम्बर से बम गिराकर होर्मुज स्ट्रेट क्यों नहीं खुलवा देता अमेरिका, जानें अब भी कितनी मजबूत है ईरान की नेवी?
Aआसमान छूती कीमतों के बीच दिवाली से पहले देश में क्यों हुई चांदी की कमी
Aआसमान छूती कीमतों के बीच दिवाली से पहले देश में क्यों हुई चांदी की कमी
Embed widget