एक्सप्लोरर

बिहार कांग्रेस प्रभारी को फिर झेलना पड़ सकता है 'अपनों' का विरोध !

भक्त चरण दास बिहार के विभिन्न जिलों में 'किसान सत्याग्रह यात्रा' के लिए आठ दिनों की यात्रा पर पटना पहुंच रहे हैं. दास की इस यात्रा में भी विरोध देखने को मिलेगा, इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता.

पटना: बिहार कांग्रेस के प्रभारी भक्त चरण दास राज्य में कांग्रेस की खोई जमीन वापस करने के लिए बिहार की जमीन मापेंगे और राज्य भर में 'किसान सत्याग्रह यात्रा' करेंगे. हालांकि इन्हें कई स्थानों पर 'अपनों' के ही विरोध का समाना करना पड़ सकता है. एक बार फिर दास बिहार के विभिन्न जिलों में 'किसान सत्याग्रह यात्रा' के लिए आठ दिनों की यात्रा पर पटना पहुंच रहे हैं.

इस चरण में दास अपनी यात्रा की शुरूआत 20 फरवरी को बेगूसराय से करेंगे, इसी दिन वो खगड़िया भी पहुंचेंगे. इसके बाद वे 21 फरवरी को सहरसा और मधेपुरा, 22 फरवरी को सुपौल और अररिया, 23 फरवरी को किशनगंज और पूर्णिया, 24 फरवरी को कटिहार और भागलपुर जाएंगें. इसके बाद दास 25 फरवरी को भागलपुर और बांका जिला, 26 फरवरी को जमुई और मुंगेर, 27 फरवरी को लखीसराय, शेखपुरा और नवादा जिलों का दौरा कर 27 फरवरी को देर रात्रि पटना वापस लौटेंगे.

दास की इस यात्रा में भी विरोध देखने को मिलेगा, इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता. कांग्रेस के सूत्रों का कहना है कि किसानों के समर्थन के बहाने संगठन को मजबूत करने वाली अपनी इस यात्रा के दौरान दास को मधेपुरा, सहरसा, लखीसराय और बेगूसराय में नेता-कार्यकर्ता खासे नाराज हैं. नाराजगी का कारण विधानसभा चुनाव में टिकटों के बंटवारे को लेकर बताया जा रहा है.

कांग्रेस के नेता कुछ खास नहीं बोल रहे हैं

कांग्रेस नेताओं ने नाम नहीं प्रकाशित करने की शर्त पर खुलकर कहा कि कि सहरसा से लवली आनंद को टिकट दे दिया गया, जो कुछ ही दिन पहले कांग्रेस में आई थी और इस सीट पर आनंद को हार का मुंह देखना पड़ा. बेगूसराय में बछवाड़ा सीट सालों से कांग्रेस जीतती रही है लेकिन चुनाव में पार्टी ने बंटवारे में सीट वामदल को दे दी, जिससे यहां पार्टी के कार्यकर्ताओं में नाराजगी है. मधेपुरा से पार्टी ने किसी जमीनी नेता को सीट देने के बजाय ऊपर से शरद यादव की पुत्री सुभाषिनी को टिकट दे दिया. कहा जा रहा है कि सुभाषिनी की हार का कारण भी पार्टी कार्यकर्ताओं की नाराजगी है.

लखीसराय में भी कुछ दिन पहले ही कांग्रेस में आए अमरेश कुमार अनीश को टिकट दे दिया गया था. इन सीटों पर जमीनी स्तर पर कार्य करने वाले कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं की उपेक्षा किए जाने से कार्यकर्ता नाराज हैं. कहा जा रहा है कि प्रदेश नेतृत्व और प्रभारी के सामने ये कार्यकर्ता अपनी भड़ास निकालने के मूड में हैं. कांग्रेस के सूत्रों का कहना है कि पार्टी में कई स्थानों पर गुटबाजी भी प्रभारी को देखने को मिलेगी, जिससे भी हंगामा होने के आसार व्यक्त किए जा रह हैं. बहरहाल, इसको लेकर कांग्रेस के नेता कुछ खास नहीं बोल रहे हैं. लेकिन इतना तय है कि दास के इस बिहार दौरे में भी पूर्व की भांति विरोध और हंगामा देखने को मिलेगा. अब देखना होगा दास अपने ही दल के नेताओं की गलतियों को लेकर हो रहे विरोध को कैसे शांत करा पाते हैं.

यह भी पढ़ें-

फल्गु नदी पर करोड़ों की लागत से बनेगा बिहार का पहला रबर डैम, अब नदी में पूरे साल रहेगा पानी बिहार: परीक्षा केंद्र पर अभिभावकों ने किया हंगामा, गार्ड के साथ की मारपीट, स्कूल गेट पर फेंके जूते-चप्पल

IPL

ABP Shorts

View More

Before You Go

Sponsored Links by Taboola
Hello Guest

व्यक्तिगत

टॉप स्टोरीज
रील्स
लखनऊ के लिए मुसीबत बना 21 करोड़ का खिलाड़ी11
लखनऊ के लिए मुसीबत बना 21 करोड़ का खिलाड़ी1
उधर टैरिफ लगाने की बात इधर भारत संग ट्रेड को बेताब ट्रंप, US राजदूत बोले- 99 प्रतिशत डील पक्की, मैं कल ही...
उधर टैरिफ लगाने की बात इधर भारत संग ट्रेड को बेताब ट्रंप, US राजदूत बोले- 99 प्रतिशत डील पक्की, मैं कल ही...
Mannadipet Election 2026 Results LIVE: विधानसभा क्षेत्र मन्नादीपेट के सबसे तेज़ और सटीक नतीजे, यहाँ देखें लाइव
Mannadipet Election 2026 Results LIVE: विधानसभा क्षेत्र मन्नादीपेट के सबसे तेज़ और सटीक नतीजे, यहाँ देखें लाइव
Bihar New CM: बिहार में नई सरकार से पहले JDU की बड़ी मांग, 'निशांत कुमार बनें CM'
Bihar New CM: बिहार में नई सरकार से पहले JDU की बड़ी मांग, 'निशांत कुमार बनें CM'
साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में उभरता नाम: बीकानेर के सुरेंद्र बेनीवाल
साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में उभरता नाम: बीकानेर के सुरेंद्र बेनीवाल
सम्राट चौधरी ने ली बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ, JDU से बने दो डिप्टी सीएम
सम्राट चौधरी ने ली बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ, JDU से बने दो डिप्टी सीएम
Hormuz Strait: बॉम्बर से बम गिराकर होर्मुज स्ट्रेट क्यों नहीं खुलवा देता अमेरिका, जानें अब भी कितनी मजबूत है ईरान की नेवी?
Hormuz Strait: बॉम्बर से बम गिराकर होर्मुज स्ट्रेट क्यों नहीं खुलवा देता अमेरिका, जानें अब भी कितनी मजबूत है ईरान की नेवी?
Aआसमान छूती कीमतों के बीच दिवाली से पहले देश में क्यों हुई चांदी की कमी
Aआसमान छूती कीमतों के बीच दिवाली से पहले देश में क्यों हुई चांदी की कमी
Embed widget