संगठन को मजबूत करने की कवायद में जुटी JDU, पार्टी कार्यकर्ताओं को दे रही ट्रेनिंग

जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि सीएम नीतीश हमेशा इस बात पर जोर देते हैं कि पार्टी के कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षत किया जाए. उनका मानना है कि पार्टी की विचारधारा से सभी कार्यकर्ताओं का अवगत होना अनिवार्य है.

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पटना: बिहार विधानसभा चुनाव के बाद से जेडीयू लगातार अपने संगठन को मजबूत और कार्यकर्ताओं को प्रबल बनाने की कवायद में जुटी हुई है. इसी क्रम में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह ने शनिवार को पटना स्थित पार्टी कार्यालय में कार्यकर्ता प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया. इस दौरान सीएम नीतीश कुमार के मुताबिक कार्यकर्ताओं को पार्टी की विचारधारा से अवगत करवाया गया. वहीं, पार्टी और धारदार कैसे हो, पार्टी का विस्तार कैसे हो, पार्टी को निचले पायदान तक कैसे मजबूत किया जाए इन सभी मुद्दों पर चर्चा की गई.

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सीएम नीतीश इस बात पर देते हैं जोर

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि सीएम नीतीश हमेशा इस बात पर जोर देते हैं कि पार्टी के कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षत किया जाए. उनका मानना है कि पार्टी की विचारधारा से सभी कार्यकर्ताओं का अवगत होना अनिवार्य है. उन्होंने कहा कि जो लोग आज कार्यक्रम में आए हैं, वो हमारे महवपूर्ण साथी हैं. उन्हें पार्टी की विचारधारा पहले से पता है. ऐसे में उन्हें और जानकारी देने पर उनकी जानकारी में इजाफा होगा और संगठन धारदार बनेगा.

सोशल मीडिया पर होगा पार्टी का फोकस

आरसीपी सिंह ने कहा कि आगे भी हम प्रशिक्षण शिविर के जरिए अपने बूथ लेवल तक के कार्यकर्ताओं को उत्साहित करने का काम करेंगे. उन्होंने कहा कि जिस पार्टी के पास विचारधारा रूपी जीवंत हो, संगठित कार्यकर्ता हों निश्चित रूप से उस पार्टी का भविष्य उज्जवल होता है. वहीं, सोशल मीडिया के बारे में बोलते हुए कहा कि 22 फरवरी को सोशल मीडिया को लेकर कार्यकर्ताओं को अलग से प्रशिक्षित किया जाएगा.

वहीं, कार्यक्रम के दौरान जेडीयू के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह ने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि एक राज्य का मुख्यमंत्री रहते हुए भी नीतीश कुमार की पहचान पूरे देश में बनी है. उनका काम देश के लिए नजीर बना है. लोग सोचते हैं, लेकिन रोडमैप नहीं बना पाते हैं. नीतीश कुमार ने जो सोचा उसका रोडमैप भी लेकर आए. अपने विचार को उन्होंने जिस तरह व्यवहार में उतारा और बिहार का अविश्वसनीय विकास किया, व्यवहारिक समाजवाद का उससे अच्छा उदाहरण नहीं हो सकता है.

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